Urdu Conclave 2026

भुवनेश्वर में ED उप-निदेशक चिंतन रघुवंशी 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, CBI ने की कार्रवाई

CBI ने भुवनेश्वर में ED के उप-निदेशक चिंतन रघुवंशी को ₹20 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. खनन व्यवसायी से ₹2 करोड़ की मांग की गई थी. मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज.

ED

भुवनेश्वर, ओडिशा: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओडिशा शाखा के उप-निदेशक चिंतन रघुवंशी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. रघुवंशी पर आरोप है कि उन्होंने एक खनन व्यवसायी से ₹50 लाख की रिश्वत की मांग की थी. उन्हें ₹20 लाख की पहली किश्त लेते हुए गिरफ्तार किया गया.

CBI की टीम ने पूर्व नियोजित योजना के तहत बिछाया था जाल

गिरफ्तारी गुरुवार को भुवनेश्वर के शाहिद नगर इलाके में हुई, जहाँ CBI की टीम ने पूर्व नियोजित योजना के तहत जाल बिछाया था. CBI अधिकारियों के अनुसार, रघुवंशी एक स्टिंग ऑपरेशन के तहत पकड़े गए, जिसमें उन्होंने व्यवसायी से रंग-कोडित नकद राशि ली। यह राशि इस बात का सबूत मानी जा रही है कि उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया.

14 ठिकानों पर की गई थी छापेमारी

चिंतन रघुवंशी, 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी हैं और ED में उप-निदेशक के पद पर कार्यरत थे. आरोप है कि उन्होंने धेनकानाल के खनन व्यवसायी रतिकांत राउत उर्फ ‘जुलू’ से ₹2 करोड़ की रिश्वत की मांग की थी. यह मांग 8 जनवरी 2025 को ED द्वारा की गई छापेमारी के बाद की गई थी, जिसमें व्यवसायी के 14 ठिकानों पर छापे मारे गए थे.

रघुवंशी ने कानूनी कार्रवाई से बचाने के बदले मांगी थी रिश्वत

बताया जा रहा है कि रघुवंशी ने व्यवसायी को कानूनी कार्रवाई से बचाने के बदले यह रिश्वत मांगी थी. व्यवसायी ने इस बारे में CBI के क्षेत्रीय कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद CBI ने सबूत इकट्ठा कर कार्रवाई की.

CBI की कार्रवाई

CBI ने रिश्वत लेते समय रंगीन कोड लगे नोट बरामद किए, जो स्टिंग ऑपरेशन के तहत दिए गए थे. गिरफ्तारी के बाद रघुवंशी को CBI कार्यालय लाया गया, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि रघुवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और आंतरिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी की इस तरह की गिरफ्तारी से ED की साख को भी झटका लगा है.

हालांकि, यह कार्रवाई यह भी दिखाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियों के भीतर ही निगरानी और सुधार के प्रयास जारी हैं. CBI की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश मानी जा रही है. CBI अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और अधिकारी या बिचौलिये शामिल थे. इसके साथ ही रघुवंशी के कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है. मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read