भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है. ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने गुरुवार को ऐलान किया कि गगनयान-G1, भारत की पहली मानव रहित अंतरिक्ष मिशन इस साल दिसंबर में लॉन्च किया जाएगा. इस मिशन में व्योममित्रा, एक हाफ-ह्यूमनॉइड रोबोट, अंतरिक्ष में भेजी जाएगी जो भविष्य की मानव उड़ानों के लिए जरूरी सिस्टम्स की टेस्टिंग करेगी.
नारायणन ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला व प्रशांत बालकृष्णन नायर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया,
“पिछले चार महीनों में इस क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं. G1 मिशन साल के अंत तक उड़ान भरेगा और उसमें व्योममित्रा अंतरिक्ष में जाएगी.”
हमारी अपनी मानव उड़ान जल्द- शुभांशु शुक्ला
ISS से सफलतापूर्वक लौटे ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा,
“अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर उनका अनुभव भारत के गगनयान और भविष्य के भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए बेहद उपयोगी रहेगा. बहुत जल्द हम अपने रॉकेट, अपने कैप्सूल और अपनी मिट्टी से किसी को अंतरिक्ष में भेजेंगे.”
उन्होंने राकेश शर्मा के ऐतिहासिक शब्दों को दोहराते हुए कहा, “भारत आज भी सारे जहां से अच्छा दिखता है.”
नायर ने टीम को बताया ‘वानर सेना’
गगनयान क्रू के सदस्य प्रशांत नायर ने कहा,
“दीवाली आने वाली है, जब राम जी अयोध्या लौटे थे. अगर मैं खुद को लक्ष्मण कहूं तो मुझे खुशी होगी कि मैं इस राम (शुभांशु शुक्ला) के साथ हूं.”
उन्होंने ISRO की टीम को ‘वानर सेना’ बताया और कहा कि इनके बिना यह मिशन संभव नहीं होता.
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बता दें, गगनयान मिशन भारत की पहली क्रूड स्पेस फ्लाइट है जिसका उद्देश्य है मानव को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और वापस लाना है. यह मिशन भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करेगा जो मानव अंतरिक्ष उड़ान में सक्षम हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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