Global Indology Conclave: अहमदाबाद में अदाणी कॉर्पोरेट हाउस में आयोजित ग्लोबल इंडोलॉजी कॉन्क्लेव भारतीय सभ्यता और ज्ञान परंपरा को नई ऊर्जा देने का बड़ा मंच बना. इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को अदाणी ग्रुप ने शिक्षा मंत्रालय के इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (IKS) के साथ मिलकर आयोजित किया. इसका मकसद इंडोलॉजी यानी भारतीय दर्शन, भाषाओं, विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के अध्ययन को वैश्विक स्तर पर फिर से स्थापित करना है.
गौतम अदाणी की ऐतिहासिक घोषणा
कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत नॉलेज ग्राफ बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह डिजिटल फ्रेमवर्क भारत की सभ्यतागत धरोहर को संरक्षित करने और भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का काम करेगा. गौतम अदाणी ने इस मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का संस्थापक योगदान देने का ऐलान किया. उन्होंने इसे “सभ्यतागत ऋण की अदायगी” बताया.
#WATCH | Addressing at the Adani Global Indology Conclave 2025, Adani Group Chairman Gautam Adani says, "My mother used to narrate episodes from Ramayana and Mahabharata including Lord Ram's 14 years of exile, the devotion of Maa Sita… From Mahabharata, she spoke about Arjuna's… pic.twitter.com/kzpHUvq5Ek
— ANI (@ANI) November 21, 2025
शंकराचार्य का संदेश
इस कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी मुख्य अतिथि रहे. उन्होंने कहा कि उनका सपना तभी सार्थक होगा जब भारत विश्वगुरु बनेगा. गौतम अदाणी की यह पहल उस सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है.

विद्वानों और शोध का समर्थन
अदाणी ग्रुप और IKS ने पांच साल का कार्यक्रम शुरू किया है जिसमें 14 पीएचडी स्कॉलर्स को समर्थन दिया जाएगा. ये शोधकर्ता भाषाविज्ञान, खगोलशास्त्र, पारंपरिक चिकित्सा, इंजीनियरिंग, राजनीति, साहित्य और विरासत अध्ययन जैसे विषयों पर काम करेंगे. उनका चयन IITs, IIMs और अन्य प्रमुख संस्थानों के परामर्श से किया गया है.
आधुनिक तकनीक से जुड़ाव
इस पहल का खास पहलू यह है कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उपकरणों जैसे डेटा साइंस, सिस्टम थिंकिंग और मल्टीमॉडल आर्काइविंग से जोड़ा जाएगा. इससे इंडोलॉजी को समकालीन अकादमिक विमर्श और वैश्विक शोध में प्रासंगिक बनाया जा सकेगा.
भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूती
गौतम अदाणी ने कहा कि अगर कोई सभ्यता अपने सांस्कृतिक और भावनात्मक ढांचे की रक्षा नहीं करती तो धीरे-धीरे मशीनों के एल्गोरिद्म मानव व्यवहार को प्रभावित करने लगते हैं. इस पहल का उद्देश्य भारत की सभ्यता को सुरक्षित रखना और दुनिया के सामने उसे प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करना है.
#WATCH | Addressing at the Adani Global Indology Conclave 2025, Adani Group Chairman Gautam Adani says, "Indology is the disciplined study of our philosophies, arts, medicine, mathematics, architecture, language and governance… When studying it, we don't look back to live in… pic.twitter.com/kW9YtJpNvh
— ANI (@ANI) November 21, 2025
ये भी पढ़ें-“समय बदला है, आदर्श नहीं”…अदाणी कॉन्क्लेव में बोले राम और कृष्ण
अदाणी ग्रुप की सोच
अदाणी ग्रुप लंबे समय से “नेशन बिल्डिंग” और “ग्रोथ विद गुडनेस” की सोच के साथ काम करता रहा है. ऊर्जा, परिवहन, धातु, उपभोक्ता क्षेत्र और सामुदायिक विकास में इसकी भूमिका अहम रही है. इंडोलॉजी मिशन के लिए योगदान इस बात का प्रमाण है कि समूह भारत की सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत को भी उतनी ही प्राथमिकता देता है जितनी आर्थिक विकास को.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


