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जनरल नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, विवाद के बीच पहली बार ट्वीट कर लिखा- किताब का स्टेटस ये है

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ किताब विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पेंगुइन इंडिया का पोस्ट रिपोस्ट किया.

Former Army Chief General Manoj Mukund Naravane

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपने किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर चल रहे विवाद को लेकर पहला रिएक्शन दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महज सात शब्दों में अपनी बात रखी और साथ ही पुस्तक के प्रकाशक पेंगुइन इंडिया के एक पोस्ट को भी रिपोस्ट किया.

जनरल नरवणे ने क्या कहा?

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने एक्स पर लिखा, “पुस्तक की वर्तमान स्थिति यही है.” किताब के कंटेंट को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है. इससे पहले पेंगुइन इंडिया साफ कर चुका है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है.

पेंगुइन ने क्या कहा?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब के प्रकाशन के सभी अधिकार उसी के पास हैं. प्रकाशक ने कहा कि यह किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और न ही इसकी कोई प्रति, चाहे प्रिंट हो या डिजिटल छापी, वितरित या बेची गई है.

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने यह भी कहा कि किसी भी फॉर्मेट या प्लेटफॉर्म पर इस किताब की मौजूदगी कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए. प्रकाशक ने साफ किया कि वह किताब के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध सभी कानूनी कदम उठाएगा.

साथ ही पेंगुइन ने दोहराया कि वर्तमान में सर्कुलेशन में मौजूद किताब की कोई भी कॉपी पूरी या आंशिक, प्रिंट, डिजिटल, पीडीएफ या किसी अन्य माध्यम में, ऑनलाइन या ऑफलाइन पीआरएचआई (PRHI) के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए.


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लोकसभा से शुरू हुआ विवाद

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देने की कोशिश की. इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया. राहुल गांधी ने अपने भाषण में दावा किया था कि 31 अगस्त 2020 को चीनी सेना के टैंक भारतीय क्षेत्र में देखे गए थे.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तत्कालीन थलसेना प्रमुख ने राजनीतिक नेतृत्व से स्पष्ट निर्देश मांगे थे, लेकिन कोई ठोस आदेश नहीं मिला. जब सत्ता पक्ष ने इस दावे के स्रोत पर सवाल उठाया, तो राहुल गांधी ने कहा कि यह जानकारी पूर्व आर्मी चीफ की किताब से ली गई है. इस पर सरकार पक्ष ने जवाब दिया कि उक्त किताब अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है.

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

मामले ने तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अप्रकाशित किताब की कॉपी किन लोगों तक और कैसे पहुंची.

-भारत एक्सप्रेस



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