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गोवा में एक नहीं, दो-दो कांग्रेस: चुनाव आयोग के पास पहुंची नई पार्टी तो मचा बवाल, कौन है नया भागी?

New Goa Congress Party: गोवा कांग्रेस पार्टी (GCP) के चुनाव आयोग में पंजीकरण आवेदन के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस ने BJP पर वोट बांटने की साजिश का आरोप लगाया है.

New Goa Congress Party

New Goa Congress Party: गोवा में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज होती नजर आ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह एक नई राजनीतिक पार्टी है, जिसने खुद को गोवा कांग्रेस पार्टी (GCP) नाम दिया है. इस पार्टी ने चुनाव आयोग के पास पंजीकरण के लिए आवेदन कर दिया है. हालांकि चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही इसके नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि नई पार्टी का नाम जानबूझकर उसकी पार्टी से मिलता-जुलता रखा गया है, ताकि चुनाव के दौरान मतदाताओं में भ्रम पैदा हो और कांग्रेस के वोटों का बंटवारा हो सके. दूसरी तरफ नई पार्टी इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रही है. उसका दावा है कि उसका मकसद सिर्फ गोवा के लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाना है और वह किसी भी राष्ट्रीय दल के इशारों पर काम नहीं करेगी.

कांग्रेस की अंदरूनी कलह के बीच नई चुनौती

नई पार्टी की एंट्री ऐसे समय हुई है, जब गोवा कांग्रेस खुद संगठनात्मक परेशानियों से जूझ रही है. हाल ही में गिरिश चोडणकर को दोबारा गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) का अध्यक्ष बनाया गया. इस फैसले के बाद पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई. कुछ लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया. ऐसे माहौल में नई पार्टी के सामने आने से कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ती दिखाई दे रही हैं.

कौन हैं नई पार्टी के प्रमुख?

चुनाव आयोग में जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, गोवा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष फ्रांसिस्को एंटोनियो जैसिंटो गोविया हैं. वह पहले मर्चेंट नेवी में मास्टर मेरिनर के तौर पर काम कर चुके हैं. पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस संगठन की शुरुआत उन लोगों ने मिलकर की है, जो लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे लेकिन खुद को लगातार नजरअंदाज महसूस कर रहे थे. उनका आरोप है कि पार्टी में वर्षों तक काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित महत्व नहीं मिला, जिसके बाद नया राजनीतिक विकल्प तैयार करने का फैसला लिया गया.

कई दलों के पूर्व नेता भी हुए शामिल

नई पार्टी सिर्फ कांग्रेस से नाराज नेताओं तक सीमित नहीं है. इसके साथ आम आदमी पार्टी (AAP), ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) और रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP) के कुछ पूर्व नेता और कार्यकर्ता भी जुड़े हैं.

पार्टी का कहना है कि वह दिल्ली में बैठे किसी हाईकमान के निर्देशों पर नहीं चलेगी. उसके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता गोवा के लोगों की राय और राज्य के हित होंगे. पार्टी का दावा है कि वह क्षेत्रीय मुद्दों पर पूरी मजबूती से आवाज उठाएगी.

कांग्रेस ने BJP पर लगाया बड़ा आरोप

नई पार्टी के गठन के बाद गोवा कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरिश चोडणकर का कहना है कि यह पूरी रणनीति विपक्षी वोटों को बांटने के उद्देश्य से बनाई गई है. उनका आरोप है कि BJP ने इस राजनीतिक प्रयोग के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, ताकि चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया जा सके.

हालांकि BJP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरियों और आंतरिक विवादों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है.


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2027 के चुनाव पर क्या पड़ सकता है असर?

अगर चुनाव आयोग गोवा कांग्रेस पार्टी को आधिकारिक मान्यता देता है और उसे चुनाव चिन्ह भी मिल जाता है, तो इसका असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘कांग्रेस’ नाम होने की वजह से कुछ मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे विपक्षी वोटों के बंटने की संभावना बढ़ सकती है.

हालांकि कांग्रेस का कहना है कि गोवा के मतदाता काफी जागरूक हैं और केवल नाम के आधार पर भ्रमित नहीं होंगे. वहीं नई पार्टी का दावा है कि उसका पूरा फोकस राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर रहेगा. इनमें जमीन संरक्षण, भ्रष्टाचार, पर्यावरण संरक्षण, रेलवे परियोजनाओं से जुड़े सवाल और म्हादई जल विवाद जैसे विषय शामिल हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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