केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा पुलिस की करीब आठ दशक लंबी सेवा, साहस और अनुशासन की सराहना करते हुए उसे देश के लिए गौरव का विषय बताया. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने गोवा पुलिस को राष्ट्रपति की ओर से दिया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ सम्मान प्रदान किया. इस मौके पर उन्होंने पुलिस के अधिकारियों और जवानों को बधाई दी और उनके योगदान को याद किया.
अमित शाह ने कहा कि गोवा पुलिस के लिए यह सम्मान इसलिए खास है क्योंकि इसके पीछे लगभग 80 वर्षों की मेहनत, समर्पण और जिम्मेदारी की लंबी कहानी है. उनके मुताबिक, राष्ट्रपति का यह निशान गोवा पुलिस की पेशेवर क्षमता, बहादुरी, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता की पहचान है.
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों की पुलिस को अब तक ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ मिला है, वहां की पुलिस ने अपने काम और सेवाभाव से यह सम्मान हासिल किया है. गोवा पुलिस भी इसी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बन गई है.
शहर से लेकर समुद्री सीमा तक बड़ी जिम्मेदारी
गृह मंत्री ने गोवा को क्षेत्रफल के लिहाज से छोटा, लेकिन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य बताया. उन्होंने कहा कि गोवा पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है. उसे सुरक्षित शहर, सुरक्षित समुदाय और राज्य की लंबी समुद्री सीमा की सुरक्षा तीनों मोर्चों पर काम करना पड़ता है.
अमित शाह ने कहा कि किसी भी विकसित देश के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक उसकी आंतरिक और सीमाई सुरक्षा है. गोवा पुलिस को यह जिम्मेदारी निभाने का गौरव प्राप्त है. खास तौर पर समुद्री सीमा की सुरक्षा राज्य के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है.
शहीदों को भी किया याद
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने उन पुलिसकर्मियों और जवानों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे अमर शहीदों का समर्पण ही किसी पुलिस बल की असली ताकत होता है और गोवा पुलिस को मिले इस सम्मान के पीछे भी उनका योगदान है.
वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की भूमिका
अपने संबोधन में अमित शाह ने देश की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में रूस-यूक्रेन युद्ध, खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ईरान से जुड़े संघर्षों के कारण दुनिया का माहौल काफी अस्थिर रहा. ऐसे समय में भारत ने संवाद और रणनीतिक साझेदारी के जरिए अपने हितों को आगे बढ़ाया.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान 22 देशों की यात्रा की, जबकि करीब 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत आए. शाह के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखी. उन्होंने दावा किया कि इसी का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखा और चालू वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई.
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि आज दुनिया के किसी भी बड़े मुद्दे पर भारत के रुख को गंभीरता से देखा जाता है. उनके मुताबिक, लंबे समय बाद भारत ने वैश्विक मंच पर ऐसा सम्मान हासिल किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया. शाह ने कहा कि आजादी के 100 साल पूरे होने पर भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करना इस संकल्प का हिस्सा है.
उन्होंने भरोसा जताया कि देश का आम नागरिक भी अब इस लक्ष्य को लेकर आशावादी है और उसे विश्वास है कि 15 अगस्त 2047 तक भारत दुनिया के सबसे मजबूत और विकसित देशों में अपनी जगह बना सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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