Gwalior News
रिपोर्ट- मनोज चौबे
Gwalior News: कहते हैं कि इंसान की फितरत और उसकी आदतें कभी नहीं बदलतीं, भले ही उसकी उम्र कितनी भी क्यों ना हो. मध्य प्रदेश के ग्वालियर से रिश्वतखोरी का एक ऐसा अजब मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे.
नगर निगम का एक क्लर्क अपने रिटायरमेंट से ठीक 24 घंटे पहले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. जिस दिन उन्हें विदाई समारोह में फूल-मालाएं पहननी थीं, उससे ठीक एक दिन पहले लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें सरप्राइज गिफ्ट दे दिया.
क्या है यह पूरा मामला?
ग्वालियर नगर निगम के दफ्तर में तैनात क्लर्क सुशील कटारे का अगले ही दिन रिटायरमेंट होने वाला था. आम तौर पर रिटायरमेंट से एक-दो दिन पहले कर्मचारी अपने सहयोगियों के साथ बैठकर समोसे-चाय खाते हैं, पुरानी यादें ताजा करते हैं और अपना पेंडिंग काम समेटते हैं. लेकिन कटारे जी का डेडिकेशन अलग ही लेवल का था. वे जाते-जाते भी अपनी जेब गर्म करने का कोई भी सुनहरा मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे.
36 लाख का बिल और 36 हजार की ‘फीस’
दरअसल, नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी का 36 लाख रुपये का एक पेमेंट रुका हुआ था. इस फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में क्लर्क कटारे जी ने पूरे 36 हजार रुपये की डिमांड कर दी.
क्लर्क सुशील कटारे ने अपनी रिश्वत का 30 हजार रुपये 2 दिन पहले ही ले लिये. बाकी बचे हुए 6 हजार रुपये अगले दिन लेने की बात कही. अगले दिन बाकी बचे हुए 6 हजार रुपये के लिए उन्होंने ठेकेदार को दफ्तर बुला लिया.
ठेकेदार सचिन पचौरी इस लालच से तंग आ चुके थे और उन्होंने इसकी शिकायत पहले ही लोकायुक्त से कर दी थी. जैसे ही दफ्तर में सुशील कटारे ने बाकी बचे 6 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया.
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सोचिए जिस इंसान को 24 घंटे बाद एक सम्मानजनक विदाई मिलने वाली थी, ढोल-नगाड़ों के साथ घर जाना था, अब वो गिरफ्तार हो चुका है और वो भी महज 6 हज़ार रुपये के लालच में.
-भारत एक्सप्रेस
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