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धर्मनगरी हरिद्वार की मर्यादा पर ‘ऑनलाइन’ प्रहार! गंगा किनारे पहुंचा नॉनवेज; जानें अखाड़े के स्टिंग ने कैसे खोले बड़े राज?

धर्मनगरी Haridwar में प्रतिबंधित क्षेत्र में ऑनलाइन नॉनवेज डिलीवरी का खुलासा होने के बाद संत समाज भड़क उठा है. अखाड़े के स्टिंग ऑपरेशन में ऐप के जरिए गंगा किनारे तक नॉनवेज पार्सल पहुँच गया, जिसके बाद प्रशासन पर सवाल उठे हैं…

रिपोर्ट-आशीष मिश्रा


धर्मनगरी हरिद्वार की मर्यादा और दशकों पुराने नियमों को ‘ऑनलाइन डिलीवरी’ ऐप्स ने बड़ी चुनौती दे दी है. दरअसल नगर निगम क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद, मोबाइल ऐप्स के जरिए प्रतिबंधित इलाकों में नॉनवेज पहुँचाया (Haridwar Nonveg Delivery) जा रहा है.

इसका खुलासा तब हुआ जब श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने खुद एक ‘स्टिंग ऑपरेशन’ कर प्रशासन की व्यवस्था की पोल खोल दी. इस घटना के बाद हरिद्वार के संत समाज में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से इन ऐप्स पर तत्काल नकेल कसने की मांग की है.

जानें क्या है पूरा मामला?(Haridwar Nonveg Delivery Controversy)

अखाड़े के पदाधिकारियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि शहर के प्रतिबंधित हिस्सों में चोरी-छिपे नॉनवेज की होम डिलीवरी हो रही है. इसकी पुष्टि के लिए अखाड़े ने खुद एक ऑनलाइन ऑर्डर किया. उन्होंने एक रेस्टोरेंट से खाना बुक किया और डिलीवरी के लिए ‘रैपिडो’ का सहारा लिया.

महज आधे घंटे के भीतर पार्सल हरिद्वार के ओम पुल और गंगा किनारे स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस के पास पहुँच गया. संतों का कहना है कि यह तीर्थ की मर्यादा का खुला उल्लंघन है और तकनीक के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

डिलीवरी बॉय की दलील

जब पार्सल लेकर पहुँचे युवक को पकड़ा गया, तो उसने अपनी अनभिज्ञता जताई. युवक का कहना था कि वह केवल ऐप पर मिली बुकिंग के आधार पर सामान पहुँचा रहा था. उसने बताया कि उसे पैकेट के अंदर क्या है, इसकी जानकारी नहीं दी गई थी और कंपनी के नियमों के मुताबिक वह पार्सल की सील नहीं खोल सकता था.

यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि डिलीवरी कंपनियां बिना किसी जांच-पड़ताल के सामान एक जगह से दूसरी जगह (Haridwar Nonveg Delivery) पहुँचा रही हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा खतरा हो सकता है.

संतों ने दिया अल्टीमेटम

अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक और जूना अखाड़े के स्वामी कार्तिक गिरी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. संतों का कहना है कि हरिद्वार केवल एक शहर नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. यदि ऑनलाइन कंपनियां बिना नियंत्रण के प्रतिबंधित वस्तुएं डिलीवर (Haridwar Nonveg Delivery) कर रही हैं, तो यह प्रशासनिक विफलता है. संतों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और नगर निगम ने इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे.

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प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण आचार्य ने सवाल उठाया कि अगर बिना जांच के कोई भी पार्सल प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुँच सकता है, तो भविष्य में यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए घातक साबित होगा. धार्मिक संगठनों की मांग है कि नगर निगम क्षेत्र में संचालित होने वाली सभी डिलीवरी कंपनियों के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाई जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री तीर्थ क्षेत्र में न घुसे. अब सबकी नजरें जिलाधिकारी और मुख्य नगर आयुक्त के अगले कदम पर टिकी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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