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अखिलेश यादव के साथ ऋचा सिंह (फाइल फोटो)
Richa Singh on Samajwadi Party: सपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर टिप्पणी के बाद प्रदेश में काफी विवाद हुआ. वहीं ऋचा सिंह ने भी इसकी आलोचना की थी तो उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. सपा ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है. जिसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर जमकर हमला निशाना साधा है. ऋचा ने कई ट्वीट कर सपा अलग-अलग मुद्दों पर घेरा है.
पार्टी से निष्कासित होने के बाद ऋचा सिंह ने कहा कि सपा महिला विरोधी है. पार्टी ने रोली मिश्रा को भी निष्कासित किया है. विनाश काले. विपरीत बुद्धि.
ऋचा सिंह ने डॉ. लोहिया को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कहा “जो पार्टी प्राकृतिक न्याय नहीं मानती वो सामाजिक न्याय क्या मानेगी? अगर आज भगवान राम को आदर्श मानने वाले डॉ. लोहिया जिंदा होते तो पार्टी उन्हें भी समाज विरोधी पार्टी मतलब समाजवादी पार्टी निकाल देती. वहीं ऋचा ने एक और ट्वीट कर अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि “सुना है सुना है लंदन में बैठकर अखिलेश यादव महिलाओं का निष्कासन कर रहे हैं.“
मौर्य पर मुझसे ज्यादा सपा के कई पुरुष नेताओं ने भी हमला किया है. लेकिन उन्हें निकाल कर पार्टी अपनी विधायक संख्या घटाना नहीं चाहती. पुरुष हैं इसलिए भी उनके खिलाफ कुछ नहीं किया. महिलाओं पर एकतरफा कार्रवाई करके पार्टी ने अपनी महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है. ऋचा सिंह ने कहा कि वह महिला हैं और सवर्ण बिरादरी से आती हैं, शायद यही कारण है कि विवादित टिप्पणी के खिलाफ खड़े होने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है.
ऋचा सिंह ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि “मूल समाजवादी और अवसरवादी छद्म समाजवादी में अंतर नहीं कर पायी समाजवादी पार्टी. यहीं स्वामी प्रसाद मौर्य कल तक सत्ता बैठकर समाजवादियों पर लाठी चलवाते है, मुकदमें लिखवाते है, आज वही समाजवादी कैडर नष्ट करने में सक्रिय है, अफसोसजनक.”
ऋचा सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि “अखिलेश यादव का एक्शन प्राकृतिक न्याय विरोधी और अलोकतांत्रिक है. प्राकृतिक न्याय कहता है कि किसी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उसको कारण बताओ नोटिस जारी करके उससे स्पष्टीकरण और उसका पक्ष जाना जाए. उन्होंने आगे लिखा कि सपा अध्यक्ष के पास निष्कासन का शायद कोई कारण नहीं है. इसलिए वह कोई कारण बताने की स्थिति में नहीं हैं. मुझे बताया जाए कि स्वामी प्रसाद के बयान का विरोध के अतिरिक्त मैंने पार्टी के खिलाफ कभी भी कुछ कहा हो.”
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह ने प्रयागराज पश्चिम विधानसभा से 2017 और 2022 का विधान सभा चुनाव समाजवादी पार्टी से लड़ा था. आरोप है कि चुनाव में हार के बाद वह लगातार पार्टी के खिलाफ बयानबाजी कर रही थीं.
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