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गिरफ्तारी या बीमारी? पटना में पूर्व IPS अमिताभ दास ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा, मीडिया के सामने क्या चिल्लाए?

राजधानी पटना में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित फ्लैट पर पुलिस टीम सर्च वारंट लेकर पहुंची. करीब दो घंटे तक चली तलाशी के बाद अमिताभ दास के विवादित बयान से मामला चर्चा का कारण बन गया है.

Ex Former IPS Amitabh Das

राजधानी पटना में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित फ्लैट पर पुलिस टीम सर्च वारंट लेकर पहुंची. करीब दो घंटे तक चली तलाशी के बाद अमिताभ दास के विवादित बयान से मामला चर्चा का कारण बन गया है.

आशुतोष/पटना: शुक्रवार शाम को हड़कंप मच गया जब पूर्व IPS अधिकारी के फ्लैट पर पुलिस टीम ने सर्च वारंट के तहत करीब दो घंटे तक तलाशी ली. कार्रवाई के बाद फ्लैट से बाहर निकलते ही अमिताभ दास ने विवादित बयान दिया. पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी से इनकार किया और तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया. इस पूरी कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं और अब सभी की नजर आगे की जांच पर टिकी है.

सर्च वारंट के साथ पहुंची पुलिस टीम

शुक्रवार शाम चित्रगुप्त नगर थाना और पाटलिपुत्र थाना की संयुक्त पुलिस टीम पूर्व आईपीएस अमिताभ दास के फ्लैट पर पहुंची. सर्च वारंट के आधार पर फ्लैट के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया, जो कि करीब दो घंटे तक जारी रहा. कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में हलचल बढ़ गई. मौके पर बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी वहां पहुंच गए, जिससे पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजरें टिक गईं.

फ्लैट से निकलते ही विवादित बयान

फ्लैट से बाहर आने के बाद अमिताभ दास ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें इसलिए गिरफ्तार किया जा रहा है क्योंकि वह सीबीआई को नीट छात्रा मामले में अहम सबूत देने वाले थे. उनके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल सर्च वारंट के आधार पर तलाशी कार्रवाई थी. जिसके बाद अमिताभ दास को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही हिरासत में लिया गया. कार्रवाई के दौरान उनकी तबीयत खराब होने पर तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

कार्रवाई के बाद उठे कई सवाल

करीब दो घंटे चली तलाशी के बाद पुलिस टीम लौट गई, लेकिन कई सवाल खड़े हो गए. आखिर आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कर सर्च वारंट क्यों लिया गया? पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ने की वजह क्या रही? क्या यह नियमित प्रक्रिया थी या किसी बड़ी जांच का हिस्सा?

आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर

फिलहाल पुलिस की ओर से किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं अमिताभ दास के बयान से मामले में राजनीतिक और कानूनी चर्चा तेज हो गई है. जिसके बाद अब सभी की नजर इस पर है कि आगे जांच एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

Edited By: Shubhra Rai (Intern)



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