सोशल मीडिया पर वायरल चेक
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. रोनहाट शिक्षा खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का एक चेक इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस चेक पर लिखी अंग्रेजी की गलतियों ने ना सिर्फ लोगों को हैरान कर दिया बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, स्कूल प्रबंधन की ओर से जारी किए गए चेक में संख्या के रूप में 7616 रुपये तो सही लिखे गए, लेकिन अंग्रेजी में राशि लिखने में भारी गलतियां की गईं. चेक पर “Seven Thursday Six Harendra Sixty Rupees Only” लिखा गया, जिसका कोई मतलब ही नहीं निकलता. सामान्य रूप से इस राशि को “Seven Thousand Six Hundred Sixteen Rupees Only” लिखा जाना चाहिए था. लेकिन गलत स्पेलिंग ने चेक को मजाक का विषय बना दिया.
स्पेलिंग मिस्टेक पर बैंक ने मना किया भुगतान
यह चेक जब बैंक पहुंचा तो अधिकारियों ने इसे अस्वीकार कर दिया. इसके बाद स्कूल प्रबंधन को एक नया चेक जारी करना पड़ा. घटना के सामने आते ही चेक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं और लोगों ने शिक्षा विभाग की लापरवाही पर जमकर तंज कसना शुरु किया. कई यूजर्स ने कहा कि जब स्कूल का स्तर ये है तो बच्चों को कैसी शिक्षा दी जा रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.
मामले में जब रोनहाट स्कूल के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह नेगी से बातचीत की गई तो उन्होंने माना कि चेक पर अंग्रेजी लिखने में गलतियां हुई हैं. उन्होंने बताया कि यह चेक मिड-डे मील प्रभारी की ओर से तैयार किया गया था. उस दिन कई दस्तावेजों पर एक साथ साइन करने की वजह से वे खुद भी इन गलतियों पर ध्यान नहीं दे पाए. हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होगी.
शिक्षा विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने राज्य की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं. सरकार जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है और शिक्षकों को प्रशिक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किया जाता हैं, वहीं जमीनी स्तर पर इस तरह की गलतियां उजागर होना व्यवस्था की पोल खोल देती हैं. ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा का स्तर पहले ही सवालों के घेरे में है. ऐसे में प्रबंधन और शिक्षकों की ओर से की गई छोटी सी चूक भी पूरे विभाग की छवि पर असर डाल रही है.
सोशल मीडिया पर इस चेक को लेकर अनेक तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोगों ने इसे हास्यास्पद बताया, तो कुछ ने इसे शिक्षा के गिरते स्तर का आईना करार दिया. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस घटना को कितनी गंभीरता से लेता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है.
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भारत एक्सप्रेस
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