असम की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता से सबको हैरान कर दिया है. 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद सीएम सरमा ने सोशल मीडिया (X) पर अपनी एक हस्तलिखित (Handwritten) नोट साझा की है, जिसने यह साबित कर दिया कि वे न केवल जनता की नब्ज पहचानते हैं बल्कि चुनावी आंकड़ों के भी जादूगर हैं. 9 अप्रैल को मतदान खत्म होते ही उन्होंने जो भविष्यवाणी की थी, एनडीए (NDA) ने हकीकत में उससे भी शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है.
डायरी का वो पन्ना… जिसमें कैद थी ‘जीत’ की भविष्यवाणी
मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे हर चुनाव के बाद अपनी एक निजी भविष्यवाणी नोट करते हैं. 9 अप्रैल 2026 को मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उन्होंने एक कागज पर एनडीए के लिए तीन स्थितियां लिखी थीं:
सर्वश्रेष्ठ स्थिति (Best Case): 101 सीटें
बेहतर स्थिति (Better Case): 90 सीटें
सबसे खराब स्थिति (Worst Case): 88 सीटें
दिलचस्प बात यह है कि जब वास्तविक नतीजे आए, तो एनडीए ने 102 सीटें जीतकर उनके ‘बेस्ट केस सिनेरियो’ को भी पीछे छोड़ दिया.
When polls closed in Assam on 9th April, I jot down my thoughts on a piece of paper, like I usually do, on the possible outcome of the #AssamElectionResults2026.
A month later, we’ve done one seat better than the best in a historic blessing by the people.
Truly humbled 🙏 pic.twitter.com/YDs9IlwRzG
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 5, 2026
‘102’ का मैजिक नंबर: तीसरी बार असम में एनडीए की सरकार
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत थी, लेकिन एनडीए ने 102 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया. भाजपा अकेले 82 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी. वहीं सहयोगी दल एजीपी (AGP) ने 10 और बीपीएफ (BPF) ने 10 सीटों पर कब्जा जमाया. यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि असम के राजनीतिक इतिहास में पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी गठबंधन ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है.
‘जनता का ऐतिहासिक आशीर्वाद’: विनम्र हुए हिमंत
अपनी हस्तलिखित नोट साझा करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा भावुक नजर आए. उन्होंने लिखा कि एक महीने पहले मैंने जो सोचा था, हमने उससे भी एक सीट बेहतर प्रदर्शन किया है. यह जनता का ऐतिहासिक आशीर्वाद है. सच्चे मन से विनम्र हूं. उन्होंने इस जीत का श्रेय राज्य में विकास, सुरक्षा और स्वदेशी पहचान (Indigenous Identity) के मुद्दों पर किए गए कार्यों को दिया.
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चुनावी विश्लेषण के ‘धुरंधर’ साबित हुए सरमा
यह पहली बार नहीं है जब हिमंत बिस्वा सरमा का चुनावी गणित इतना सटीक बैठा हो. असम में वे अपनी माइक्रो-मैनेजमेंट और सटीक बूथ-लेवल एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं. उनकी इस भविष्यवाणी ने विपक्ष को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि चुनाव चाहे कितना भी कड़ा हो, हिमंत का जमीनी फीडबैक कभी फेल नहीं होता.
विकास और सुरक्षा के ‘असम मॉडल’ पर मुहर
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे साफ बताते हैं कि जनता ने विपक्ष के गठबंधन को सिरे से नकारते हुए हिमंत सरकार के ‘विकास और स्वदेशी’ एजेंडे को चुना है. 102 सीटों का यह आंकड़ा असम में एनडीए की पकड़ को पत्थर की लकीर की तरह मजबूत कर चुका है.
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