देश भर में आज हिंदी दिवस (Hindi Divas 2026) पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर केंद्रीय एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. अपने संदेश में गृह मंत्री ने हिंदी को केवल एक सरकारी कामकाज की भाषा तक सीमित न रखते हुए, इसे जनसंवाद, सुशासन और राष्ट्रीय एकात्मता (National Integration) को मजबूत करने वाली एक सशक्त शक्ति के रूप में रेखांकित किया है.
राष्ट्र निर्माण में हिंदी की भूमिका (Amit Shah message On Hindi Divas)
गृह मंत्री ने अपने संदेश में हिंदी की ऐतिहासिक और गौरवशाली यात्रा को याद किया. उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के दिनों से लेकर आधुनिक राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया तक, हिंदी ने हमेशा देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है.
14 सितंबर का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को देश की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था. अमित शाह ने उन सभी महान विभूतियों और महापुरुषों को नमन किया जिन्होंने हिंदी भाषा को समृद्ध बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया.
तकनीक और शोध की भाषा बन रही है हिंदी
समय के साथ बदलते दौर का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज की हिंदी केवल पुरानी परिपाटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अन्य सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ रही है. आज के डिजिटल और वैज्ञानिक युग में हिंदी तकनीक (Technology) और शोध (Research) की भाषा के रूप में भी अपनी एक नई और मजबूत पहचान बना रही है.
भारतीय भाषाओं को सशक्त बनाने का संकल्प
गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सभी नागरिकों से यह आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर पर हिंदी सहित सभी क्षेत्रीय एवं भारतीय भाषाओं को और अधिक मजबूत और समृद्ध बनाने का दृढ़ संकल्प लें. सरकार की यह प्रतिबद्धता इस बात को दर्शाती है कि भाषाई विविधता ही भारत की असली ताकत है, और सभी भाषाएं एक-दूसरे की पूरक बनकर देश को ग्लोबल स्टेज पर आगे बढ़ा रही हैं.
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