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Year-Ender 2024: हाइपरलूप, इलेक्ट्रिफिकेशन, न्यू पंबन ब्रिज, ये हैं रेलवे की साल की महत्वपूर्ण उपलब्धियां

रेलवे के लिए एक प्रमुख मील के पत्थर के रूप में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक पर अंतिम ट्रैक का काम पूरा हो गया है. यह जम्मू और कश्मीर के विभिन्न स्थानों को देश के बाकी हिस्सों के साथ रेल संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

न्यू पंबन ब्रिज.

पिछले साल भारतीय रेलवे ने रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 के साथ कई नए सुधार पेश किए. विधेयक का उद्देश्य परिचालन दक्षता में सुधार करना और रेलवे जोनों को स्वायत्तता प्रदान करना है. गौरतलब है कि 2024 में रेलवे लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन कुल 7,188 किलोमीटर तक पहुंच गया, जो प्रति दिन लगभग 14.5 किलोमीटर है.

न्यू पंबन ब्रिज का निर्माण पूरा

रेलवे ने बहुप्रतीक्षित न्यू पंबन ब्रिज (New Pamban Bridge) का निर्माण भी पूरा कर लिया है, जो भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज है. यह 105 साल पुराने पंबन ब्रिज को रिप्लेस करेगा. इस साल कई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गईं. वंदे भारत एक्सप्रेस अब देश भर में 40 से अधिक रूटों पर चलती है, जिसमें त्योहारी और सर्दियों के मौसम के दौरान विशेष सेवाएं शामिल हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने बताया कि एक अन्य उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना पर अंतिम ट्रैक का काम पूरा हो गया, जो एक ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’ है.

रेलवे लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन

भारतीय रेलवे ने कुल 7,188 किलोमीटर लाइनों का विद्युतीकरण पूरा किया, जो प्रतिदिन 14.5 किलोमीटर के बराबर है. पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह एक बड़ी उपलब्धि है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में रेलवे ने 6,565 किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा किया.

हाइपरलूप परीक्षण ट्रैक

भारत में पहला हाइपरलूप ( Hyperloop) परीक्षण ट्रैक 2024 में बनाया गया. यह चेन्नई के थाईयूर उपनगर में आईआईटी मद्रास के डिस्कवरी कैंपस में 410 मीटर के परीक्षण ट्रैक के साथ 11 किलोमीटर की सुविधा है. यह पहल मद्रास की आविष्कार हाइपरलूप टीम, आईआईटी और संस्थान में विकसित एक स्टार्टअप TuTr के बीच एक संयुक्त प्रयास है.

उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक

रेलवे के लिए एक प्रमुख मील के पत्थर के रूप में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक पर अंतिम ट्रैक का काम पूरा हो गया है. यह जम्मू और कश्मीर के विभिन्न स्थानों को देश के बाकी हिस्सों के साथ रेल संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (USBRL) के पहले चरण में 118 किलोमीटर लंबा काजीगुंड-बारामुल्ला सेक्शन शामिल है, जिसका उद्घाटन पहली बार अक्टूबर 2009 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के तहत किया गया था.

इसके बाद के चरणों में जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन और जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा सेक्शन का उद्घाटन हुआ. फरवरी में रामबन में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के बनिहाल-कटरा सेक्शन पर बनिहाल से खारी से संगलदान सेक्शन तक पहला इलेक्ट्रिक ट्रेन ट्रायल रन रामबन जिले में बनिहाल और संगलदान रेलवे स्टेशनों के बीच लगभग 40 किलोमीटर ट्रैक और सुरंगों पर सफलतापूर्वक किया गया था.


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-भारत एक्सप्रेस



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