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Ganga Expressway Air Show: यूपी में एक्सप्रेस-वे पर राफेल-मिराज समेत 15 लड़ाकू विमानों का टच एंड गो, पहली बार नाइट लैंडिंग का भी ट्रायल होगा

Ganga Expressway Air Show: भारतीय वायुसेना ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर शानदार फ्लाईपास्ट और रात-दिन लैंडिंग अभ्यास किया, जो आपातकालीन स्थितियों में वैकल्पिक रनवे के रूप में काम करेगा.

Ganga Expressway Air Show

Ganga Expressway Air Show: भारतीय वायुसेना (IAF) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर शानदार फ्लाईपास्ट किया. इस विशेष आयोजन के दौरान वायुसेना ने शाहजहांपुर में स्थित 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर विमान उड़ान और लैंडिंग के अभ्यास किए. वायुसेना ने अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों जैसे राफेल, मिराज और जगुआर के साथ अपनी ऑपरेशनल तत्परता का प्रदर्शन किया.

यह अभ्यास मुख्य रूप से इस उद्देश्य के लिए आयोजित किया गया था कि गंगा एक्सप्रेसवे को युद्ध या किसी आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल किया जा सके. इस संदर्भ में एक बयान में बताया गया कि यह देश का पहला एयरस्ट्रिप होगा जिसे लड़ाकू विमानों के दिन-रात लैंडिंग के लिए तैयार किया गया है, जिससे यह रक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संपत्ति बन जाएगा. यह स्थान भविष्य में वायुसेना के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी काम करेगा.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से एयरस्ट्रिप के दोनों ओर लगभग 250 CCTV कैमरे लगाए गए हैं. वायुसेना ने एयरस्ट्रिप के संचालन की जिम्मेदारी संभाली है और वायुसेना के अधिकारी व उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के कर्मचारी मिलकर इस गतिविधि का संचालन कर रहे हैं.

पहली दिन-रात लड़ाकू लैंडिंग के लिए तैयार एयरस्ट्रिप

इस अभ्यास में दो चरणों में आयोजन किया गया—दिन और रात के समय, ताकि रात के वक्त लैंडिंग क्षमता का परीक्षण किया जा सके. इसमें लड़ाकू विमानों को केवल एक मीटर की ऊँचाई से उड़ान भरते हुए लैंडिंग और टेक-ऑफ के अभ्यास का प्रदर्शन किया गया. यह अभ्यास 7 बजे से लेकर 10 बजे तक बार-बार किया गया.

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जो रात के समय लैंडिंग की सुविधा प्रदान करता है. यह कदम भारतीय वायुसेना की दिन-रात संचालन क्षमता को मजबूती देगा, जिससे युद्ध और आपातकालीन स्थितियों में उसकी तत्परता में और सुधार होगा.

यह अभ्यास भारत की रक्षा क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. गंगा एक्सप्रेसवे जैसे रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग भारतीय सैन्य रणनीति को और प्रभावी बनाएगा, साथ ही नागरिक और सैन्य सहयोग की नई दिशा को भी जन्म देगा.

IAF conducts flypast on the Ganga Expressway in UP

शाहजहांपुर के जलालाबाद क्षेत्र में बने एयरस्ट्रिप पर आज वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग ट्रायल किया, जो उनकी उच्च क्षमता को प्रदर्शित करता है. गंगा एक्सप्रेसवे, जो मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले निर्माणाधीन मार्ग का हिस्सा है, 464 किलोमीटर लंबा है और इसे अदाणी ग्रुप द्वारा विकसित किया जा रहा है.

अदाणी समूह द्वारा निर्माण और परियोजना की प्रगति

अदाणी समूह की तकनीकी और इंजीनियरिंग टीम इस परियोजना को सफल बनाने के लिए जुटी हुई है. समूह के तहत, एक्सप्रेसवे के विभिन्न खंड—बदायूं से लेकर प्रयागराज तक, जिनमें हरदोई और उन्नाव भी शामिल हैं—निर्माणाधीन हैं. इस एक्सप्रेसवे का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और इसे आठ लेन तक विस्तार किया जा सकता है.

यह एक्सप्रेसवे, जो भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, एक डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर) मॉडल के तहत तैयार किया जा रहा है. अदाणी समूह के पास इस समय 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के 13 निर्माण प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनमें पांच हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण हो रहा है, जो नौ राज्यों में फैला हुआ है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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