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Noida News: रियल एस्टेट कंपनी के नोएडा परिसर में आयकर विभाग की छापेमारी, घोटाले और धोखाधड़ी में मामला दर्ज

नोएडा पुलिस ने तमाम सबूतों और जानकारियों के आधार पर समूह की ग्रीनबे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी को लेकर रिपोर्ट दर्ज की थी.

फोटो-फाइल

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

Noida News: शनिवार को आयकर विभाग (Income Tax Department) ने कर ( Tax) चोरी के मामले में रियल एस्टेट (real estate company) कारोबार से जुड़े ओरिस समूह और उससे संबंधित कंपनियों के नोएडा (Noida) और ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) परिसरों में छापामारी की है. अधिकारियों ने कहा कि छापेमारी विभाग के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के अधिकारियों ने की है. आयकर विभाग की टीम ने समूह के नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गुरुग्राम स्थित परिसरों की तलाशी ली थी.

सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में आयकर विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न बिल्डरों के तमाम ठिकानों पर छापेमारी की. मीडिया को जारी बयान में एक स्थानीय अधिकारी ने ऑरिस ग्रुप के बारे में जानकारी दी है कि ऑरिस ग्रुप को 2011 में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सेक्टर 22 डी में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट ग्रीन बे गोल्फ विलेज के लिए जमीन आवंटित की गई थी.

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अधिकारी ने इस सम्बंध में आगे जानकारी दी है कि इस साल 28 फरवरी तक समूह पर यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण का 761.99 करोड़ रुपये बकाया था और समूह आवास श्रेणी में सबसे बड़ा डिफॉल्टर था. मालूम हो कि रियल एस्टेट समूह 2018 के जून महीने विवादों में तब आया, जब यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने अपना ऑडिट कराया और इसी दौरान इस समूह के धोखाधड़ी की पोल खुली. इसके बाद नोएडा पुलिस ने तमाम सबूतों और जानकारियों के आधार पर समूह की ग्रीनबे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी को लेकर रिपोर्ट दर्ज की थी. बता दें कि नोएडा के कई बड़े बिल्डर आयकर विभाग के रडार परमे हैं. मीडिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले 14 दिनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा, एनसीआर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े बिल्डरों के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम छापा मार चुकी है और आशंका है कि अभी आगे भी इसी तरह की छापेमारी होती रहेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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