मंगलवार सुबह 5:59 बजे भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में भूकंप आया. गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान ने बताया कि इसकी तीव्रता 5.2 रही और गहराई 84 किलोमीटर थी.
पूर्वोत्तर राज्यों में असर
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, इसका केंद्र मणिपुर के कामजोंग में था. झटके मणिपुर के साथ नगालैंड, असम और मेघालय तक महसूस किए गए.
कश्मीर घाटी में हालिया झटके
18 अप्रैल को कश्मीर घाटी में भी 5.3 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका केंद्र अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में था. उस समय लोग घरों से बाहर निकल आए थे, हालांकि किसी नुकसान की खबर नहीं थी.
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हलचल
14 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भी भूकंप दर्ज हुआ था. डोडा में 2.9 और पिथौरागढ़ में 3.4 तीव्रता के झटके महसूस किए गए. दोनों जगह प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया था.
महाराष्ट्र में भी महसूस हुए झटके
11 अप्रैल को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके झटके नांदेड़ और परभणी जिलों में भी महसूस किए गए.
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लगातार भूकंप से चिंता
लगातार अलग-अलग राज्यों में आ रहे भूकंप के झटके आपदा प्रबंधन और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में सतर्कता और तैयारी बेहद जरूरी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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