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ट्रंप का ‘झूठ’ बेनकाब! भारतीयों की मौत पर ईरान पर मढ़ा दोष, तो जयशंकर ने फोन घुमाकर सीधे अमेरिका को हड़काया

ओमान तट के पास तेल टैंकर MT Settebello पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात कर वाणिज्यिक जहाजों पर सैन्य कार्रवाई को अनुचित बताया…

Indian Sailors Killed in US Attack: पश्चिम एशिया की रणभूमि और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समंदर में जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसा बेहद गंभीर और संवेदनशील कूटनीतिक मोड़ आ गया है, जिसने भारत और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट घोल दी है. दरअसल ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा एक कमर्शियल तेल टैंकर पर किए गए घातक हमले में 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है.

इस बड़ी कूटनीतिक नाकामी को छिपाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बरगलाने और इस हमले का ठीकरा ईरान पर फोड़ने की पूरी कोशिश की. लेकिन, साल 2026 के नए भारत ने अमेरिका की इस चाल को भांप लिया और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को फोन कर सीधे शब्दों में खरी-खरी सुना दी है.

जयशंकर ने दर्ज कराया कड़ा विरोध(S Jaishankar on Indian Sailors Attack)

यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर भीषण हमला कर दिया. इस जहाज़ी बेड़े पर कुल 28 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक थे. हमले में 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन देश के तीन होनहार जांबाज-डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पट्नाला सुरेश शहीद हो गए.

इस घटना के तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को फोन घुमाया और भारत की कड़ी आपत्ति दोहराते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे घातक हमले कतई न्यायसंगत नहीं हैं. कमर्शियल शिपिंग को इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए.

 

डोनाल्ड ट्रंप का तर्क हुआ पूरी तरह फेल

इस भीषण कांड (Indian Sailors Killed in US Attack) के बाद खुद को घिरता देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया पैंतरेबाज़ी चक्रव्यूह रचा. ट्रंप ने सार्वजनिक दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी और भारतीयों की मौत ईरानी हमलों के कारण हुई है.

हालांकि, भारत ने अपने खुफिया और कूटनीतिक सूत्रों से तुरंत पूरी घटना की सच्चाई कन्फर्म कर ली. भारत में मौजूद ईरानी दूतावास और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी ट्रंप के दावों को पूरी तरह ‘निराधार’ और ‘झूठा’ करार देते हुए कहा कि अमेरिका अपने बर्बर हमलों और ‘स्टेट-स्पॉन्सर्ड समुद्री डकैती’ की नीति से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए यह मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहा है.

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भारत का लाउड एंड क्लियर स्टैंड क्या?

ईरान और अमेरिका इस समय खाड़ी में एक-दूसरे के खिलाफ भीषण ब्लेम-गेम खेल रहे हैं, लेकिन भारत का स्टैंड बिल्कुल साफ और आक्रामक है. भारत किसी भी महाशक्ति के दबाव में आए बिना अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रख रहा है.

जयशंकर द्वारा सीधे अमेरिकी प्रशासन को हड़काए (S Jaishankar on Indian Sailors Attack) जाने से यह साफ हो गया है कि रणनीतिक साझेदारी अपनी जगह है, लेकिन निर्दोष भारतीय नागरिकों के खून की कीमत पर भारत किसी भी वैश्विक ताकत की चिकनी-चुपड़ी बातों या कूटनीतिक चक्रव्यूह में आने वाला नहीं है.

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-भारत एक्सप्रेस



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