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Dr. S Jaishankar

India UNSC Campaign: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए SHANTI नामक अभियान शुरू किया है.

ओमान तट के पास तेल टैंकर MT Settebello पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात कर वाणिज्यिक जहाजों पर सैन्य कार्रवाई को अनुचित बताया...

फिनलैंड के कुल्तारांता टॉक्स में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध और रूसी तेल खरीद पर उठे सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है, किसी बाहरी दबाव में नहीं..

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 2 जून तक के अपने पहले भारत दौरे पर हैं. नई दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की, जहां दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई. इससे पहले राष्ट्रपति ने बोधगया के महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की.

US 250th Independence Day Celebrations in Delhi: भारत मंडपम में अमेरिकी स्वतंत्रता के 250वें वर्षगांठ समारोह के दौरान भारत-अमेरिका सामरिक साझेदारी संगीत और कूटनीति के साथ केंद्र में रही। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस ऐतिहासिक शाम की अगुवाई की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लाइव जुड़े, जबकि एआर रहमान ने खास मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

ईरान-इजरायल-अमेरिका टकराव के बीच भारत की कूटनीतिक भूमिका चर्चा में है. ईरान और UAE ने माना कि पीएम मोदी की पहल से क्षेत्र में तनाव कम करने की उम्मीद है...

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सऊदी से तेल लेकर आ रहा ‘शेनलोंग’ टैंकर सुरक्षित मुंबई बंदरगाह पहुंच गया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री की बातचीत के बाद भारत के ऊर्जा हितों को राहत मिली...

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की. ऊर्जा आपूर्ति, होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षा, चाबहार पोर्ट और क्षेत्रीय स्थिरता पर दोनों देशों ने चर्चा की..

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत ने कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की और विदेश सचिव विक्रम मिस्री दूतावास पहुंचे. एक्सपर्ट्स इसे भारत की ‘बैक-चैनल डिप्लोमेसी’ और क्षेत्रीय तनाव कम कराने की कोशिश मान रहे हैं..

डॉ. जयशंकर (Jaishankar) ने जर्मनी के विदेश मंत्री के रूप में जोहान वाडेफुल का भारत में उनकी पहली यात्रा पर स्वागत किया.