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अब ‘ओवर टाइम’ पर इस कंपनी का अनोखा अलर्ट सिस्टम, कर्मचारियों के लिए तय की नई लिमिट, बोले- ज्यादा काम मत करो!

Infosys Work Policy: भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी अपने कर्मचारियों को रोजाना 9 घंटे 15 मिनट से ज्यादा काम करने पर चेतावनी भेज रहा है. यह कदम आईटी सेक्टर में बढ़ती हेल्थ चिंताओं के बीच उठाया गया है.

Infosys Work Policy

भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा फर्म इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों को ओवर टाइम काम करने के लिए चेतावनी भेजना शुरू कर दिया है. यह कदम कंपनी के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति के हाल ही में दिए गए 70 घंटे के कार्यसप्ताह के आह्वान के सीधे विपरीत है. बेंगलुरु स्थित यह कंपनी अब एक स्वचालित प्रणाली का उपयोग कर रही है जो प्रतिदिन 9 घंटे 15 मिनट से अधिक काम करने वाले कर्मचारियों को सचेत करती है. इन्फोसिस ने एक ऑटोमेटेड सिस्टम लागू किया है जो कर्मचारी ज्यादा काम करते हैं उन्हें अलर्ट जापी कर देता है.

कर्मचारियों के लिए तय की नई लिमिट

इंफोसिस ने अपने 323,500 कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड कार्य व्यवस्था अपनाने के बाद इस निगरानी प्रणाली को लागू किया है. जब किसी कर्मचारी के अत्यधिक कामकाजी घंटे पाए जाते हैं, तो एचआर उन्हें दूरस्थ कार्य के दिनों, कुल लॉग किए गए घंटों और दैनिक औसत का विवरण देते हुए विस्तृत ईमेल भेजता है. कंपनी के अनुसार कर्मचारियों को हर महीने कम से कम 10 दिन कार्यालय से काम करना अनिवार्य है. एचआर में कहा गया है, “हम आपकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं, हम यह भी मानते हैं कि आपके कल्याण और सफलता दोनों के लिए स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखना जरूरी है.”

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बदलती कार्यस्थल की प्राथमिकताएं

यह नीति नारायण मूर्ति के उन हालिया बयानों से एक महत्वपूर्ण विचलन दर्शाती है, जिनमें उन्होंने आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए भारतीयों को साप्ताहिक 70 घंटे काम करने का आह्वान किया था. यह कदम भारतीय आईटी क्षेत्र में विकसित हो रहे कार्यस्थल मानदंडों को दर्शाता है, जहां विस्तारित कामकाजी घंटों की तुलना में कर्मचारी मानसिक स्वास्थ्य को अधिक महत्व दिया जा रहा है. इंफोसिस का यह निर्णय, दूरस्थ कार्य सेटिंग्स में अत्यधिक काम करने से जुड़ी बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं का एक जवाब प्रतीत होता है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ और लोकसभा सदस्य डॉ. सी.एन. मंजूनाथ ने बताया कि 2013 से 2018 तक उनके अस्पताल में अध्ययन किए गए युवा दिल के दौरे के एक-चौथाई रोगियों में कोई पारंपरिक जोखिम कारक नहीं थे, लेकिन उनमें तनाव का स्तर बढ़ा हुआ था. उन्होंने आगाह किया, “तनाव एक ऐसी चीज है जिसे आप लैब में माप नहीं सकते,” और पेशेवरों को करियर के लिए अत्यधिक काम करने के खिलाफ चेतावनी दी.

-भारत एक्सप्रेस 



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