प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दोहराया कि भारत आतंकवाद और इसके समर्थकों के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह बयान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया, जिसमें 26 लोगों की जान गई और कई घायल हुए.
अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हैं. मैं पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं.”
उन्होंने आगे कहा, “भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ दृढ़ कार्रवाई के लिए कटिबद्ध है. हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंगोला के समर्थन की सराहना करते हैं और इसके लिए उनका धन्यवाद करते हैं.”
पाकिस्तानी राजनयिकों को इस्लामाबाद भेजा वापस
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटक स्थल पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए. चार भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने इस क्रूर हमले को अंजाम दिया. प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े ‘टीआरएफ’ ने हमले की जिम्मेदारी ली. हमलावरों में से दो की पाकिस्तानी नागरिकता की पुष्टि हुई है.
हमले के जवाब में भारत सरकार ने तत्काल 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई. बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने, अटारी सीमा को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा रद्द करने, पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और एक्स हैंडलों पर कार्रवाई शुरू करने, उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या घटाने और राजनयिक संबंधों को कम करने जैसे कड़े कदम उठाए. कई पाकिस्तानी राजनयिकों को इस्लामाबाद वापस भेज दिया गया.
सीसीएस बैठक के बाद पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हम प्रत्येक आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान करेंगे, उनका पीछा करेंगे और उन्हें सजा देंगे. हम उन्हें धरती के किसी भी कोने में छिपने नहीं देंगे.”
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-भारत एक्सप्रेस
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