Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

व्यापार से आगे निकली भारत-यूएई की दोस्ती, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस की अहम बैठक

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं. दोनों देशों ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने का फैसला किया है. खास तौर पर रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन जैसे नए और अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है.

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई मुलाकात में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में दोनों नेताओं ने पिछले कुछ वर्षों में भारत और UAE के बीच हुए विकास की समीक्षा की और भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी बातचीत की.

व्यापार और निवेश से आगे बढ़ रही साझेदारी

भारत और UAE के रिश्ते अब सिर्फ व्यापार और ऊर्जा तक सीमित नहीं रह गए हैं. दोनों देश बुनियादी ढांचे, निवेश, नई तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों में भी एक-दूसरे के साथ तेजी से जुड़ रहे हैं. नेताओं ने माना कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सहयोग की और बड़ी संभावनाएं हैं.

दोनों देशों ने यह भी तय किया कि साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर ब्रिक्स समेत दूसरे बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम जारी रखा जाएगा. इससे वैश्विक स्तर पर भी भारत और UAE के बीच तालमेल को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

ओडिशा में बड़ा एल्युमिनियम प्रोजेक्ट

बैठक में UAE की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) की ओडिशा में प्रस्तावित बड़ी एल्युमिनियम परियोजना का खास तौर पर जिक्र हुआ. करीब 11.5 अरब डॉलर की लागत वाली इस एकीकृत ग्रीनफील्ड परियोजना को भारत के इतिहास में एल्युमिनियम क्षेत्र का सबसे बड़ा एकल निवेश बताया जा रहा है.

इस परियोजना को लेकर दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि इससे ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम उत्पादन और विनिर्माण के एक बड़े केंद्र के तौर पर विकसित करने में मदद मिल सकती है. साथ ही, यह भारत और UAE के बीच बढ़ते निवेश संबंधों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी बन सकती है.

निवेश सहयोग को और गहरा करने की तैयारी

बैठक में संप्रभु निवेश मंच एल-इमाद की भूमिका पर भी चर्चा हुई. दोनों पक्षों का मानना है कि यह मंच भारत और UAE के बीच लंबे समय के निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है.

सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मजबूत राजनीतिक विश्वास, गहरे आर्थिक रिश्ते और लगातार बढ़ती रणनीतिक साझेदारी अब द्विपक्षीय संबंधों की पहचान बन चुके हैं. शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित बातचीत भी इस रिश्ते को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे थे UAE क्राउन प्रिंस

शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को भारत पहुंचे थे. उनका दौरा भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए था. इस वर्ष भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का फोकस “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” पर रखा गया है.

भारत और UAE के शीर्ष नेतृत्व के बीच हाल के वर्षों में मुलाकातों का सिलसिला भी लगातार बढ़ा है. इससे पहले 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात हुई थी.

ये भी पढ़ें-इथियोपिया के साथ बड़ी डील! जानिए पीएम मोदी और पीएम अबी अहमद के बीच हैदराबाद हाउस में क्या-क्या फैसले हुए?

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital