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स्मार्ट पुलिसिंग, हाईटेक ऐप: सीएम योगी के ‘पुलिस मंथन’ से और क्या-क्या निकला?

CM Yogi at Police Manthan 2025: लखनऊ में पुलिस के सबसे बड़े अफसरों के साथ सीएम योगी ने किया मंथन किया. इस दौरान एक ऐप भी लॉन्च किया गया. आइये जानें ‘पुलिस मंथन’ से और क्या-क्या निकला?

CM Yogi at Police Manthan 2025 Launches AI based Yaksha App Know Big Decision

CM Yogi at Police Manthan 2025: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को और भी ज्यादा हाईटेक और स्मार्ट बनाने के लिए राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग का सबसे बड़ा जमावड़ा लगा. पुलिस मुख्यालय में आयोजित ‘पुलिस मंथन-2025’ (वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन) के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की. सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि पिछले साढ़े आठ सालों में यूपी पुलिस की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. अब यह खाकी वर्दी अपराधियों के लिए ‘डर’ और आम नागरिकों के लिए ‘भरोसे’ का प्रतीक बन चुकी है. सीएम योगी ने कहा कि-

2017 से पहले पुलिसिंग को लेकर संसाधन कम थे, लेकिन अब यूपी पुलिस एक ग्लोबल रोल मॉडल है. अब 60,000 से ज्यादा कांस्टेबलों को ट्रेनिंग दी जा रही है. हर जिले में साइबर थाने, 12 फॉरेंसिक लैब और फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी का निर्माण.

‘यक्ष ऐप’ लॉन्च अब पुलिस की मुट्ठी में डेटा

इस सम्मेलन (UP Police Manthan 2025) की सबसे बड़ी खबर एक नए ऐप की लॉन्चिंग रही. सीएम योगी ने ‘यक्ष ऐप’ (Yaksha App) लॉन्च किया. यह ऐप पुलिस की पारंपरिक ‘बीट बुक’ का डिजिटल अवतार है. यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिग डेटा पर काम करता है. इस ऐप के जरिए पुलिस को अपराधियों, अपराधों और संवेदनशील इलाकों का पूरा कच्चा चिट्ठा एक क्लिक पर मिलेगा, जिससे क्राइम होने से पहले ही उसे रोकने में मदद मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अब सिर्फ घटना होने के बाद लकीर नहीं पीटती, बल्कि ‘प्रेडिक्टिव पुलिसिंग’ (पूर्वानुमान) पर काम करती है. जेलों में AI और स्मार्ट SHO डैशबोर्ड सम्मेलन में डीजीपी राजीव कृष्णा समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग सत्रों में प्रेजेंटेशन दिए.

और क्या-क्या निकला? (Police Manthan Lucknow)

  • AI आधारित सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और बंदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी.
  • ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ और मिशन शक्ति को और तेज किया जाएगा.
  • थानेदारों (SHO) के लिए एक स्मार्ट डैशबोर्ड बनाया गया है, जिससे शिकायतों का निपटारा और भी तेजी से होगा.
  • बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए ‘साइबर हेल्प डेस्क’ की भूमिका बढ़ाई जाएगी.

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फैसलों का होगा जनता को लाभ

सम्मेलन के अंत में यह तय किया गया कि नए आपराधिक कानूनों (न्याय संहिता) के तहत अब ई-एफआईआर (e-FIR) और ई-साक्ष्य (e-Evidence) पर जोर दिया जाएगा ताकि न्याय मिलने में देरी न हो. जाहिर है इस सम्मेलन में हुए फैसलों का असर प्रदेश का पुलिस व्यवस्था पर नजर आएगा. इसका सीधा लाभ जनता को मिलने वाला है.



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