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‘ऑपरेशन सिंदूर’ में राफेल का नुकसान? फ्रांस को जारी RFP से सामने आया IAF का असली सीक्रेट

भारतीय वायुसेना (IAF) के नए ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ (RFP) दस्तावेज ने पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोल दी है. भारत के पास ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान 100% सुरक्षित और ऑपरेशनल हैं.

Indian Air Force Rafale Operation Sindoor Pakistan

‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान भारत के राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jets) को लेकर पाकिस्तान महीनों से जो झूठा ढोल पीट रहा था, वो आखिरकार बुरी तरह से फट गया है! भारतीय वायुसेना (IAF) के एक ‘ऑफिशियल रिकॉर्ड’ और टेंडर (RFP) ने पाकिस्तान के उस ‘सफेद झूठ’ को सरेआम बेनकाब कर दिया है, जिसमें उसने दावा किया था कि भारत ने अपने कई राफेल विमान खो दिए हैं. सच यह है कि भारत का एक-एक राफेल पूरी तरह से सुरक्षित है और दुश्मन की छाती पर मूंग दलने के लिए 100% ‘ऑपरेशनल’ है.

IAF के डॉक्यूमेंट ने कैसे खोली पाकिस्तान की पोल? (Dassault Aviation Rafale tender)

हाल ही में भारतीय वायुसेना ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) और सफरान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को राफेल बेड़े के रखरखाव (Maintenance) और स्पेयर सपोर्ट के लिए एक ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ (RFP) जारी किया है.

RTI के जरिए सामने आए इस एयर हेडक्वार्टर के डॉक्यूमेंट ने साफ कर दिया है कि 18 जून 2026 तक IAF में सभी 36 राफेल फाइटर जेट पूरी तरह से मौजूद और ऑपरेशनल हैं. इस टेंडर में साफ लिखा है कि ‘सभी 36 विमानों के संचालन’ को ध्यान में रखकर पांच महीने के ‘ब्रिज सपोर्ट पैकेज’ के लिए बोलियां मंगाई गई हैं.

2016 की डील और राफेल की ‘खूंखार’ तैनाती (IAF official document Rafale)

भारत ने 2016 के ‘गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट’ एग्रीमेंट के तहत फ्रांस से 36 राफेल विमानों की डील की थी, जिन्हें 2020 और 2022 के बीच वायुसेना में शामिल किया गया. ये सभी विमान आज भी पूरी शान से अपनी तैनाती स्थलों पर गरज रहे हैं. फिलहाल ये घातक विमान दो अहम ठिकानों पर ऑपरेट किए जा रहे हैं.

  • अंबाला: नंबर 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरो” (Golden Arrow)
  • हासीमारा: नंबर 101 स्क्वाड्रन “फाल्कन्स” (Falcons)

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पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का ‘द एंड’ (Operation Sindoor Rafale jets)

पाकिस्तान की हमेशा से आदत रही है कि वह युद्ध के मैदान में पिटने के बाद सोशल मीडिया और प्रोपेगैंडा के जरिए खुद को ‘जीतता’ हुआ दिखाता है. लेकिन IAF के इस ‘ब्रिज सपोर्ट’ टेंडर ने राफेल के कथित नुकसान की अफवाहों को हमेशा के लिए दफन कर दिया है. साफ है, भारतीय वायुसेना के बाज़ पूरी तरह से तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर वे किसी भी वक्त दुश्मन की सरहदों को चीरने का दम रखते हैं.



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