भारत ने डाक सेवा को किया निलंबित.
डाक विभाग (Indian Postal Department) ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 100 डॉलर तक मूल्य के सभी प्रकार के डाक सामान, जिनमें पत्र, दस्तावेज और उपहार शामिल हैं, भेजने पर रोक लगा दी है. अपनी पूर्व अधिसूचना में डाक विभाग ने 100 डॉलर तक के मूल्य वाले पत्रों, दस्तावेजों और गिफ्ट को छोड़कर सभी प्रकार की डाक वस्तुओं की बुकिंग को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया था.
Indian Postal Department ने क्या कहा?
डाक विभाग (Indian Postal Department) ने कहा, “अमेरिका जाने वाले डाक के परिवहन में वाहकों की असमर्थता और अनिर्धारित नियामक तंत्र को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने अमेरिका जाने वाले सभी प्रकार के डाक को पूरी तरह से निलंबित करने का निर्णय लिया है, जिसमें 100 डॉलर तक के मूल्य के पत्र/दस्तावेज और उपहार भी शामिल हैं.”
डाक विभाग (Indian Postal Department) ने अमेरिकी प्रशासन की ओर से 30 जुलाई को जारी किए गए कार्यकारी आदेश पर ध्यान दिया है. इस आदेश के तहत, 29 अगस्त, 2025 से 800 डॉलर तक के सामान पर मिलने वाली ‘शुल्क-मुक्त न्यूनतम छूट’ छूट को खत्म कर दिया गया है.
इसका मतलब है कि अब अमेरिका जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय डाक पर, चाहे उसकी कीमत कुछ भी हो, उस पर कस्टम ड्यूटी लगेगी. यह शुल्क ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट’ (आईईईईपीए) के तहत लिया जाएगा.
भारत से क्या भेजते हैं लोग?
भारत से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या सीधे उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले मुख्य उत्पादों में कपड़े, छोटे आकार के कालीन, रत्न और आभूषण, वेलनेस उत्पाद, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स और जूते शामिल हैं. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एफआईआरओ) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, “डी मिनिमिस छूट के खत्म होने के कारण मुझे लगभग एक महीने तक कारोबार में दिक्कत की उम्मीद है.”
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ई-कॉमर्स कंपनियां लागत की समीक्षा कर रही हैं और इस बात का अध्ययन कर रही हैं कि अमेरिकी उपभोक्ता कितनी अतिरिक्त लागत वहन कर सकते हैं.
अमेरिकी नियम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय डाक नेटवर्क के माध्यम से सामान भेजने वाली परिवहन कंपनियों या अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा मंजूर “योग्य पक्षों” को डाक खेप पर शुल्क (टैक्स) इकट्ठा करके जमा करना होगा.
सीबीपी ने 15 अगस्त 2025 को कुछ दिशानिर्देश जारी किए, लेकिन “योग्य पक्षों” को चुनने और शुल्क इकट्ठा करने व जमा करने की प्रक्रियाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदु अभी स्पष्ट नहीं हैं.
इसी वजह से अमेरिका जाने वाली हवाई परिवहन कंपनियों ने 25 अगस्त 2025 के बाद डाक स्वीकार करने में असमर्थता जताई है, क्योंकि उनके पास इसके लिए तकनीकी और परिचालन तैयारी नहीं है.
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-भारत एक्सप्रेस
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