भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में, भारत के मित्र देश इंडोनेशिया के ‘जेंडरांग सुलिंग कंका लोकानांता’ बैंड ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया. यह विशेष बैंड इंडोनेशिया के सेना प्रशिक्षण केंद्र का प्रतिनिधित्व करता है और अपनी सांस्कृतिक धुनों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ विश्वभर में मशहूर है.
अद्वितीय प्रस्तुति से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
जेंडरांग सुलिंग कंका लोकानांता बैंड ने परेड में इंडोनेशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सैन्य परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया. उनकी प्रस्तुति में पारंपरिक संगीत, अनुशासित मार्च पास्ट और आधुनिक धुनों का समावेश था. उनके प्रदर्शन ने भारतीय दर्शकों को न केवल मंत्रमुग्ध किया, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को भी रेखांकित किया.
इंडोनेशिया की सैन्य परंपरा का प्रतीक
जेंडरांग सुलिंग कंका लोकानांता बैंड इंडोनेशिया के सैन्य प्रशिक्षण का एक अद्भुत उदाहरण है. इस बैंड का नाम ‘जेंडरांग’ और ‘सुलिंग’ नामक पारंपरिक वाद्ययंत्रों से लिया गया है. ‘जेंडरांग’ ड्रम जैसा वाद्ययंत्र है, जबकि ‘सुलिंग’ एक बांसुरी है. इन दोनों वाद्ययंत्रों की धुनों ने गणतंत्र दिवस परेड में अलग ही रंग भर दिया.
भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों की झलक
इंडोनेशिया का यह बैंड भारत और इंडोनेशिया के लंबे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है. दोनों देश न केवल अपने सांस्कृतिक मूल्यों को साझा करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे के सहयोगी भी हैं. इस प्रस्तुति ने इन संबंधों को और मजबूती प्रदान की.
दर्शकों का उत्साह और सम्मान
कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों ने इंडोनेशियाई बैंड की प्रस्तुति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया. उनकी शानदार धुनों और अनुशासित प्रदर्शन ने भारतीय जनता को गहराई से प्रभावित किया. इस प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि कला और संस्कृति की कोई सीमाएं नहीं होतीं.
भारत के गणतंत्र दिवस पर विदेशी सहभागिता
गणतंत्र दिवस परेड में हर साल भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने वाले देशों की सैन्य टुकड़ियां और सांस्कृतिक दल शामिल होते हैं. इस साल इंडोनेशिया के ‘जेंडरांग सुलिंग कंका लोकानांता’ बैंड की भागीदारी ने इस परंपरा को और भी खास बना दिया.
इंडोनेशिया के जेंडरांग सुलिंग कंका लोकानांता बैंड की प्रस्तुति ने 76वें गणतंत्र दिवस परेड में एक अनोखा सांस्कृतिक रंग जोड़ा. उनकी प्रस्तुति ने भारत और इंडोनेशिया के बीच के ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूती से उजागर किया और यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोस्ती और सहयोग को और गहरा करता है
ये भी पढ़ें: भारतीय वायुसेना ने 76वें गणतंत्र दिवस पर आसमान में भरी ऊंची उड़ान
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



