तस्वीर-AI जेनरेटेड
LPG Shortage India: “आज केवल राजमा चावल और कढ़ी चावल मिलेगा, क्योंकि गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं.” यह बैनर नई दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस में मौजूद एक मशहूर छोले-भटूरे की दुकान के आगे लगाया गया है. जो यह बताने के लिए काफी है कि ईरान-अमेरिका जंग की आंच देश की रसोई तक पहुंच चुकी है. इस समय देश के लगभग सभी राज्य गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं. तो सवाल ये उठ रहा है कि देश में ये नौबत आई कैसे और कितने दिन की एलपीजी अभी भारत के पास बची हुई है. साथ ही सवाल ये भी कि अगर जंग लंबी खिंची तो सरकार गैस का प्रबंध कहां से करेगी?
सवाल नंबर 1: भारत में LPG की कितनी खपत है और दिक्कत कैसे आ रही है?
जवाब: 11 मार्च दिन बुधवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में रोजाना गैस खपत का लगभग आधा हिस्सा हम खुद पैदा करते हैं. बाकी के लिए हम विदेशों पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत गैस बाहर से मंगाता है. हर साल भारत को करीब 33 मिलियन मीट्रिक टन LPG की जरूरत होती है. इसे सिलेंडर में बदलें तो करीब 235 करोड़ सिलेंडर. यानी भारत को हर दिन करीब 64 लाख सिलेंडर की जरूरत पड़ती है. जिसका 88 प्रतिशत हिस्सा घरेलू इस्तेमाल में खर्च होता है. जबकि 12 प्रतिशत गैस होटलों, इंडस्ट्री और रेस्टोरेंटो वगैरा में खर्च किया जाता है.
सुजाता शर्मा के मुताबिक भारत अपनी कुल गैस आयात का 90 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही मंगाता है. ईरान-अमेरिका जंग की वजह से यह रास्ता बंद हो गया है, जिसकी वजह से भारत में गैस की किल्लत देखने को मिल रही है.
सवाल नंबर 2: भारत कहां से मंगाता है अपनी जरूरत का गैस?
जवाब: पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के मुताबिक भारत कतर, UAE, सऊदी अरब और कुवैत से मंगाता है. इन इलाकों से गैस लेकर जहाज ईरान के बगल से गुजर रहे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर ही भारत पहुंचते हैं, लेकिन जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. जहां पहले इस रास्ते से रोज लगभग 153 जहाज निकलते थे, वो अब घटकर सिर्फ 13 रह चुका है.
अमेरिकी हमले के बाद से ईरान ने इन जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. उसने UAE, कुवैत, सऊदी अरब और कतर जैसे गैस उत्पादक देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. जिसकी वजह से वहां पर मौजूद गैस प्लांट्स ने गैस प्रोडक्शन बंद कर दिया है.
ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाली जहाजों को ना गुजरने की चेतावनी दी है. साथ ही यह भी कहा है कि अगर हमले जारी रहे, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं निकलने देगा.
सवाल नंबर 3: भारत के पास कितने दिन का स्टॉक?
जवाब: कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि भारत के पास कुल 10 दिन का गैस स्टॉक है. इस वजह से भारत में पैनिक देखने को मिल रहा है. भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 लागू करते हुए जमाखोरी पर लगाम लगाने की कोशिश की है. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने सभी गैस रिफाइनरियों को गैस का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा है.
सवाल नंबर 4: LPG क्या है, कैसे बनती है?
जवाब: LPG का पूरा नाम Liquefied Petroleum Gas (द्रवित पेट्रोलियम गैस) है. इसे आमतौर पर रसोई गैस कहा जाता है. यह मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है. साथ ही इसमें थोड़ी मात्रा में आइसोब्यूटेन या हल्के हाईड्रोकॉर्बन भी मिले होते हैं.
LPG कोई प्राकृतिक रूप से जमीन के नीचे से नहीं निकलती है. इसे तेल रिफाइनरी में बनाया जाता है. यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का बाय प्रोडक्ट है. दुनिया में लगभग 60% LPG प्राकृतिक गैस से और 40 प्रतिशत कच्चे तेल से बनती हैं.
LPG बनाने का तरीका
जब कच्चे तेल को कुओं या समुद्र से निकाला जाता है. तो इसे तेल रिफाइनरी में पहुंचाया जाता है. जहां इस कच्चे तेल को बहुत ऊंचे टावर में कई अलग-अलग तापमानों पर गर्म किया जाता है. कच्चे तेल को गर्म करने पर अलग-अलग तापमान पर अलग-अलग पदार्थ बनकर अलग होने लगते हैं. सबसे हल्के पदार्थ सबसे ऊपर से निकलते हैं. जिसे हम रसोई गैस कहते हैं.
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सवाल नंबर 5: अगर जंग लंबी चले तो क्या होगा?
जवाब: खाड़ी देशों में चल रही जंग को देखते हुए भारत अब नए गैस सप्लायर्स की तरफ देख रही है. संभव है कि भारत नॉर्वे और अमेरिका से गैस की खरीद शुरू कर दे, लेकिन इससे तुरंत किल्लत खत्म नहीं होने वाली.
भारत से अमेरिका और नॉर्वे काफी दूर हैं. वहां से गैस की सप्लाई भारत पहुंचने में समय लगेगा. शिपिंग इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक अमेरिका या नॉर्वे से गैस भारत लाने में करीब 2 महीने का वक्त लगेगा. भारत ने रूस से भी तेल खरीद बढ़ाने के निर्देश दिये हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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