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इराक के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री को पीएम मोदी ने दी बधाई, जानें 40 साल के युवा PM की ताजपोशी से क्यों हिला मिडिल ईस्ट?

Iraq में अली फलीह कदीम अल-जैदी ने देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. हालांकि गृह और रक्षा मंत्रालयों पर सहमति न बनने से उन्हें अधूरी कैबिनेट के साथ सरकार बनानी पड़ी…

PM Modi Congratulates Iraq’s Newly PM: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण देश इराक में एक बड़ा सियासी बदलाव हुआ है. दरअसल अली फलीह कदीम अल-जैदी इराक के नए प्रधानमंत्री चुन लिए गए हैं. महज 40 साल की उम्र में देश की कमान संभालने वाले अल-जैदी इराक के इतिहास के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं.

इस ऐतिहासिक मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सोशल मीडिया पर विशेष बधाई दी है. हालांकि, बगदाद की संसद में हुए भारी ड्रामे के बीच अल-जैदी को एक ‘अधूरी कैबिनेट’ के साथ ही शपथ लेने पर मजबूर होना पड़ा है.

पीएम मोदी का बधाई संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर इराक के नए पीएम को बधाई देते हुए दोनों देशों के मजबूत भविष्य की रूपरेखा रखी. पीएम मोदी ने लिखा कि अली फलीह कदीम अल-जैदी को इराक के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बहुत-बहुत बधाई.

भारत, इराक के साथ अपने सदियों पुराने और दोस्ताना रिश्तों को बहुत महत्व देता है और सभी क्षेत्रों में हमारे आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है. मैं दोनों देशों की साझा तरक्की और खुशहाली के लिए मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं.

बगदाद में मचा सियासी घमासान(Iraq PM Ali Al Jaidi)

सरकारी इराकी न्यूज एजेंसी (INA) के मुताबिक, पीएम अल-जैदी और उनके मंत्रियों ने गुरुवार को संवैधानिक पद की शपथ तो ले ली, लेकिन यह सरकार अभी भी ‘अधूरी’ है. दरअसल, इराक की मुख्य राजनीतिक पार्टियों के बीच गृह (Interior) और रक्षा (Defense) जैसे सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर आम सहमति नहीं बन पाई. कुर्सियों की इस खींचतान की वजह से इन बड़े पदों को खाली रखते हुए ही शपथ ग्रहण समारोह निपटाना पड़ा.

ये भी पढ़ें-‘सरकार का कोई इरादा नहीं’, पीएम मोदी ने विदेशी यात्रा पर टैक्स की खबरों को बताया झूठ

23 में से सिर्फ 14 मंत्रियों को पास कर पाई संसद

इराकी संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, किसी भी नई सरकार को संसद में विश्वास मत हासिल करने के लिए कुल मंत्रालयों में से आधे से अधिक (बहुमत) की मंजूरी मिलना अनिवार्य है. अल-जैदी की सरकार में कुल 23 मंत्रालय होने तय हुए हैं.

संसद के विशेष सत्र के दौरान भारी खींचतान के बीच सिर्फ 14 मंत्रालयों को ही मंजूरी मिल सकी, जो बहुमत के आंकड़े से थोड़ी ज्यादा है. इस नई सरकार में बसीम मोहम्मद को देश का नया और बेहद महत्वपूर्ण ‘तेल मंत्री’ (Oil Minister) बनाया गया है, जबकि फुआद हुसैन अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे और वे विदेश मंत्री बने रहेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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