Foreign Travel Tax: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 16 मई को उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार विदेशी यात्राओं पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये बातें बिल्कुल गलत हैं और इनमें जरा भी सच्चाई नहीं है.
पीएम का क्या कहना है?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विदेशी यात्राओं पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद लोगों के लिए व्यापार करने और जीवन जीने को आसान बनाना है. इसलिए इस तरह की खबरें सिर्फ अफवाह हैं और इन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.
This is totally false.
Not an iota of truth in this.
There is no question of putting such restrictions on foreign travel.
We remain committed to improving ‘Ease of Doing Business’ and ‘Ease of Living’ for our people. https://t.co/9lxjbxz0nV
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
मीडिया रिपोर्ट का दावा
दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि केंद्र सरकार विदेशी यात्रा पर टैक्स या सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आर्थिक दबाव से निपटने के लिए उठाया जा सकता है. साथ ही यह भी कहा गया था कि यह सरचार्ज अस्थायी होगा और एक साल तक लागू रह सकता है.
रिपोर्ट में और क्या कहा गया?
खबरों के मुताबिक, इस टैक्स से मिलने वाला पैसा सीधे केंद्र सरकार के पास जाता और इसका इस्तेमाल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आयात लागत के असर को कम करने के लिए होता.
पीएम की अपील
यह रिपोर्ट उस समय सामने आई जब कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वे सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें, गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचें और सोने की अनावश्यक खरीदारी से परहेज करें. उन्होंने कहा था कि इससे पेट्रोल, डीजल और विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी.
संसाधनों के संयम पर जोर
10 मई को पीएम मोदी ने कहा था कि आज सबसे बड़ी जरूरत है कि पेट्रोल, गैस और डीजल जैसे संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर ही होना चाहिए. इससे न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के असर को भी कम किया जा सकेगा.
देशभक्ति पर पीएम का नजरिया
तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान मोदी ने कहा था कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ सीमा पर बलिदान देना नहीं है. आज के समय में देशभक्ति का अर्थ है जिम्मेदारी से जीना और अपने रोजमर्रा के जीवन में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का पालन करना.
पश्चिम एशिया में तनाव
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता नहीं हो पाया है. फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है और विमानन क्षेत्र पर भी असर डाला है.
ईंधन की कीमतों में उछाल
संघर्ष शुरू होने के बाद से कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. पहले जहां जेट फ्यूल 85-90 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब यह 150-200 डॉलर तक पहुंच गया है. इससे एविएशन सेक्टर पर भारी दबाव पड़ा है.
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एयरलाइंस की मांग
भारत में एयरलाइन कंपनियों ने भी सरकार से मदद की गुहार लगाई है. एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने एटीएफ की कीमतों पर राहत देने की अपील की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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