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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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इसरो को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स मिले, चांद के ग्लोबल एक्सप्लोरेशन की दिशा में एक बड़ा कदम

ISRO ने शनिवार को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स प्राप्त करने की जानकारी दी. इसमें चंद्रमा के पोलर रीजन के फिजिकल और डाइइलेक्ट्रिक प्रॉपर्टीज पर नए पैरामीटर्स भी शामिल हैं.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शनिवार को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स प्राप्त करने की जानकारी दी. इसमें चंद्रमा के पोलर रीजन के फिजिकल और डाइइलेक्ट्रिक प्रॉपर्टीज पर नए पैरामीटर्स भी शामिल हैं.

इसरो का कहना है कि यह भविष्य में ग्लोबल एक्सप्लोरेशन की दिशा में एक बड़ा डेवलपमेंट है. संगठन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “इसरो को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स प्राप्त हुए हैं, जो कि लूनर पोलर रीजन को लेकर गहरी समझ के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.”

स्पेस रिसर्च संगठन ने आगे बताया कि इसमें चंद्रमा के सतह की फिजिकल और डाइइलेक्ट्रिक प्रॉपर्टीज को लेकर जानकारी देने वाले महत्वपूर्ण पैरामीटर्स शामिल हैं. ISRO ने कहा, “यह चंद्रमा को लेकर भविष्य के ग्लोबल एक्सप्लोरेशन की दिशा में भारत का एक बहुत बड़ा योगदान होगा.”

लूनर ऑर्बिट में चंद्रयान-2 ऑर्बिटर अपने डुअल फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक अपर्चर रडार (डीएफएसएआर) से 2019 से लगभग 1400 रडार डेटासेट और हाई-क्वालिटी डेटा उपलब्ध करवा चुका है.

यह चंद्रमा को एल बैंड फुल-पोलरिमेट्रिक मोड में मैप करता है

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह पहला ऐसा इंस्ट्रूमेंट है, जो 25 मीटर/ पिक्सल के रेजोल्यूशन पर चंद्रमा को एल बैंड फुल-पोलरिमेट्रिक मोड में मैप करता है. यह एडवांस्ड रडार मोड वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल दोनों दिशाओं में सिग्नल को भेजने के साथ-साथ रिसीव भी करता है. यह चंद्रमा की सतह से जुड़ी प्रॉपर्टीज को स्टडी करने के लिए एक अच्छा तरीका बनता है.

अहमदाबाद में स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर के साइंटिस्ट ने इन डेटा सेट्स का इस्तेमाल कर वॉटर-आईस की संभावित मौजूदगी, सतह का खुरदरापन और डाईइलेक्ट्रिक कॉन्स्टेंट पर एडवांस डेटा प्रोडक्ट्स डेवलप किए हैं. डाईइलेक्ट्रिक कॉन्स्टेंट चंद्रमा की सतह की डेंसिटी और पोरसिटी जैसे फीचर्स को बताता है.

इसरो ने जानकारी देते हुए बताया कि फुल-पोलरिमेट्रिक डेटा को एनालाइज करने के लिए एल्गोरिदम डेवलप कर लिए गए हैं. इसके अलावा, इसरो ने स्वदेशी रूप से डेटा प्रोडक्ट्स भी जेनरेट किए हैं. ये एडवांस्ड डेटा प्रोडक्ट्स चंद्रमा के पोलर रीजन को लेकर पहली और खास तरह की जानकारियों को लेकर महत्वपूर्ण हो सकते हैं.


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-भारत एक्सप्रेस



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