एक चोरी से प्लेटफॉर्म पर फंसी रह गईं 5 बड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें @BharatExpress
जबलपुर/संजय मलिक: चोरी की वारदातें तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसा अजीबोगरीब और खतरनाक मामला सामने आया है जिसने रेलवे प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं. यहां कुछ चोरों ने चंद पैसों के लालच में भारतीय रेलवे की ‘धड़कन’ यानी सिग्नल केबल ही काट डाली. चोरों के लिए यह भले ही सिर्फ तांबे या एल्युमीनियम का एक तार था, लेकिन इसके कटते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और 5 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के पहिए पूरी तरह थम गए.
सिग्नल कटा और पटरियों पर फंसी रह गईं ट्रेनें
घटना रविवार की है. जबलपुर स्टेशन के यार्ड (किलोमीटर नंबर 991/29) स्थित लोकेशन बॉक्स का ताला तोड़कर चोरों ने सिग्नल केबल काट ली. केबल कटते ही रेलवे का पूरा सिग्नल सिस्टम ठप हो गया. नतीजा यह हुआ कि प्लेटफॉर्म पर खड़ी जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, LTT-राजगीर ट्रेन, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस जैसी 5 बड़ी ट्रेनें करीब आधे से एक घंटे तक सिग्नल के इंतजार में फंसी रहीं. बाद में रेलवे इंजीनियरिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह केबल को दुरुस्त किया और रेल यातायात बहाल कराया.
सोलर कैमरों ने ऐसे खोला चोरी का राज
चोरी की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एक्शन में आ गया. इस गुत्थी को सुलझाने में सबसे बड़ा हथियार साबित हुए स्टेशन के बाहर लगे 5 ‘सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरे’. ये कैमरे सौर ऊर्जा से चलते हैं. RPF ने जब फुटेज खंगाली तो दो संदिग्ध नजर आए. जांच के आधार पर पुलिस ने गोहलपुर क्षेत्र से 37 वर्षीय मुख्य आरोपी अंसारी को धर दबोचा.
झाड़ियों से तार निकालते रंगे हाथों धराया आरोपी
पूछताछ में अंसारी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. उसने बताया कि उसने अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर सुबह 7:30 बजे केबल काटी थी. लेकिन रेलवे कर्मचारी को आते देख वे तार झाड़ियों में छिपाकर भाग गए. 18 अगस्त की रात जब आरोपी झाड़ियों से वही तार निकालने पहुंचा, तो RPF ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया. आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के मुताबिक, भले ही चोरी गई केबल की कीमत मात्र 6,750 रुपये थी, लेकिन इससे रेलवे व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा.
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