उज्जैन/मनोज भटनागर: धर्म नगरी अवंतिका (उज्जैन) में आज सुबह आस्था का एक अनूठा और विहंगम नजारा देखने को मिला, जब भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे. उन्होंने तड़के होने वाली भस्म आरती में हिस्सा लिया और बाबा महाकाल के दर पर मत्था टेककर देश की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की. इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात की और मंदिर की व्यवस्था को लेकर बहुत कुछ कहा है.
नंदी हॉल में बैठकर शिव भक्ति में हुए लीन
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तड़के होने वाली दिव्य भस्म आरती में सम्मिलित होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान वे नंदी हॉल में बैठकर शिव भक्ति में पूरी तरह लीन नजर आए. भस्म आरती के पश्चात उन्होंने मंदिर के ‘चांदी द्वार’ से भगवान महाकाल के अत्यंत करीब से दर्शन लाभ लिए और प्रार्थना की और के विकास के लिए भगवान महाकाल के मांग रखी.
मंदिर प्रबंध समिति ने किया सत्कार
दर्शन और पूजन संपन्न होने के बाद, मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने पूर्व उपराष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत और सत्कार किया. इस अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मान स्वरूप बाबा महाकाल का प्रसाद और स्मृति चिह्न भेंट किया गया.
व्यवस्थाओं की जमकर की सराहना
दर्शन के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए जगदीप धनखड़ ने मंदिर प्रशासन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के लिए किए गए इंतजामों की मुक्त कंठ से सराहना की. उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ‘महाकाल लोक’ के भव्य निर्माण के बाद यहाँ की दिव्यता और भी अधिक बढ़ गई है. इसके परिणामस्वरूप अब श्रद्धालुओं को अत्यंत सुलभ और व्यवस्थित तरीके से भगवान के दर्शन प्राप्त हो रहे हैं.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
