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जैन आचार्य लोकेश मुनि को अमेरिका में किया गया सम्मानित, विश्व शांति और अहिंसा के क्षेत्र में योगदान को मिली सराहना

जैन आचार्य लोकेश मुनि (Acharya Lokesh Muni) को विश्व शांति, सद्भाव और अहिंसा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया के मिलपिटास की मेयर कारमेन मोंटानो और फ्रेमोंट के मेयर राज सलवान ने सम्मानित किया.

जैन आचार्य लोकेश मुनि (Acharya Lokesh Muni) को विश्व शांति, सद्भाव और अहिंसा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया के मिलपिटास की मेयर कारमेन मोंटानो और फ्रेमोंट के मेयर राज सलवान ने सम्मानित किया.

आचार्य लोकेश मुनि ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा, “जैन आचार्य लोकेशजी को अमेरिका में सम्मान कैलिफोर्निया के मिलपिटास की मेयर कारमेन मोंटानो और फ्रेमोंट के मेयर राज सलवान ने विश्व शांति, सद्भाव और अहिंसा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए आचार्य लोकेशजी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार श्री अजय भूटोरिया और मिलपिटास सिटी प्लानिंग कमीशन के सदस्य दीपक भी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि आचार्य लोकेशजी ने दुनियाभर में भारतीयों को गौरवान्वित किया है.”

आचार्य लोकेश को यह सम्मान उनके विश्व शांति, सद्भाव और अहिंसा के लिए किए गए कार्यों के लिए दिया गया है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका में आचार्य लोकेश मुनि को UN और न्यूयॉर्क स्टेट काउंटी ने किया सम्‍मानित, उनके मानवतावादी कार्यों को सराहा गया

जैन धर्म के सिद्धांतों में हैं वैश्विक समस्याओं का समाधान

इससे पहले आचार्य लोकेशजी और महावाणिज्य दूत मासाकुई ने कनाडा स्थित जैन सेंटर ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के 9वें प्रतिष्ठा वर्षगांठ समारोह को संबोधित किया. अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकेशजी ने कहा कि जैन धर्म भगवान ऋषभ और भगवान महावीर सहित सभी तीर्थंकरों की शिक्षाओं पर आधारित एक अत्यंत प्राचीन और वैज्ञानिक धर्म है, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है. जैन धर्म के अहिंसा, अनेकांत आदि सिद्धांतों से अनेक वैश्विक समस्याओं का समाधान भी संभव है.

वर्तमान में विश्व परिदृश्य में जिस प्रकार युद्ध, हिंसा और संघर्ष व्याप्त हैं, भगवान महावीर के दिखाए मार्ग से ही शांति, सद्भाव और समन्वय का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. आचार्यश्री ने कहा कि भारत और कनाडा दोनों ही प्राचीन भारतीय संस्कृति और शिक्षाओं के माध्यम से समाज और मानवता के कल्याण हेतु मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि सम्पूर्ण विश्व में नई ऊर्जा के साथ शांति और सद्भाव स्थापित हो सके.

-भारत एक्सप्रेस



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