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जयपुर में उग्र हुआ छात्र आंदोलन, पानी की टंकी पर चढ़े NSUI नेता, बोले- जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, जंग जारी रहेगी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है. NSUI के कई नेता टोंक फाटक के पास रेलवे की पानी की टंकी पर चढ़ गए हैं, जबकि यूनिवर्सिटी में आमरण अनशन कर रहे छात्र नेता की तबीयत बिगड़ने पर माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.

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Edited by Radha Priya

Jaipur Student Protest: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को युवाओं और छात्र नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया. छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जयपुर का सियासी पारा अचानक काफी हाई हो गया है. मामला तब और गंभीर हो गया जब राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुछ प्रमुख छात्र नेता सीधे रेलवे की पानी की टंकी पर जा चढ़े.

टोंक फाटक पर टंकी पर चढ़े नेता

शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे का वक्त था, जब टोंक फाटक पुलिया के पास बनी रेलवे की पानी की टंकी पर अचानक हलचल मच गई. NSUI के प्रभारी विजयपाल कुड़ी, उपाध्यक्ष कोशेन खान और छात्र प्रतिनिधि वियोना जाट हाथ में तख्तियां लेकर सीधे उस ऊंची टंकी पर जा बैठे. उन्होंने वहां से केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी.

छात्रों का आरोप

टंकी पर बैठे विजयपाल कुड़ी ने आरोप लगाया कि 14 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन शासन या प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा उनकी सुध लेने नहीं आया. उन्होंने दो टूक कहा कि वे अपने निजी फायदों के लिए नहीं, बल्कि राजस्थान के लाखों स्टूडेंट्स के भविष्य की खातिर यह लड़ाई लड़ रहे हैं. उनका यह भी कहना था कि टंकी पर पानी तक खत्म हो चुका है और साथ में एक छात्रा भी मौजूद है, इसके बावजूद सरकार का रवैया बेहद उदासीन बना हुआ है.

छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे प्रदेश के युवा सड़कों पर उतरकर टोंक रोड जाम कर देंगे. हंगामे को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और नीचे सुरक्षा जाल बिछाकर नेताओं को सुरक्षित नीचे उतारने की जद्दोजहद में जुट गईं.

यूनिवर्सिटी में भी मचा बवाल

दूसरी तरफ राजस्थान यूनिवर्सिटी के कैंपस में भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर पिछले आठ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद पुलिस ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए उन्हें अनशन स्थल से उठाया और तुरंत इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल में भर्ती करा दिया.

जैसे ही पुलिस ने यह कार्रवाई की यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद समर्थक छात्र भड़क उठे. उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि यह सब इस बड़े छात्र आंदोलन को कुचलने और दबाने की एक सोची-समझी साजिश है.

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-भारत एक्सप्रेस



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