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शादी का झांसा देकर लाखों की ठगी! जालौन में मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जीवाड़ा करने वाला शातिर गिरोह बेनकाब

Jalaun News: जालौन पुलिस ने मैट्रिमोनियल साइट्स पर शादी का झांसा देकर युवतियों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. तीन शातिर गिरफ्तार, एक की तलाश जारी.

मैट्रिमोनियल साइट्स पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर गिरफ्तार किए गए आरोपी.

Jalaun News:देवाशु गिरि/जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पुलिस ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स के जरिए युवतियों को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं.

जालौन में पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में साइबर थाना टीम ने मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपी युवतियों का विश्वास जीतकर परिजनों के इलाज के नाम पर पैसे ऐंठते थे और रुपये मांगने पर नंबर ब्लॉक कर देते थे. पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है और एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है. एनसीआरपी पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज हैं.

मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर करते थे ठगी

जालौन में पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवतियों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक जालौन और अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में साइबर थाना टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की. आरोपी Shaadi.com और Jeevansathi.com जैसी लोकप्रिय मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भोली-भाली युवतियों को अपने जाल में फंसाते थे. इस गिरोह का एक अन्य आरोपी अभी फरार चल रहा है.

इलाज और एक्सीडेंट का बहाना बनाकर ऐंठते थे पैसे

पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी पहले युवतियों से संपर्क कर शादी का भरोसा दिलाते थे और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लेते थे. इसके बाद वे अपने माता-पिता या अन्य परिजनों के एक्सीडेंट अथवा गंभीर बीमारी का हवाला देकर इलाज के लिए रुपये मांगते थे. अपने झूठ को सच साबित करने और विश्वास दिलाने के लिए डॉक्टरों के फर्जी पर्चे भी दिखाए जाते थे. आरोपी युवतियों से सीएससी केंद्रों और मोबाइल दुकानों के क्यूआर कोड के माध्यम से खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे. जब युवतियां अपने रुपये वापस मांगती थीं, तो वे उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर संपर्क पूरी तरह तोड़ देते थे.

तीन शातिर गिरफ्तार, एक की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए उमाकांत पटेल निवासी झांसी, रविकांत यादव निवासी उरई और कौशल किशोर उर्फ विक्की चौरसिया निवासी उरई को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मंगल सिंह यादव निवासी उसरगांव, जालौन को इस मामले में वांछित घोषित किया गया है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है.

बरामदगी और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 7 एटीएम कार्ड, दो रबर की मोहरें, एक स्टाम्प पैड, आठ खाली डॉक्टर पर्चे, दो डॉक्टरों के लिखे पर्चे, दो आधार कार्ड, एक बैग और वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है. जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अन्य जनपदों और राज्यों से पांच शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.

पोर्टल पर दर्ज धोखाधड़ी की कुल धनराशि 8,04,881 रुपये बताई गई है. पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसमें झांसी, जालौन और मध्य प्रदेश के दतिया से जुड़े मामले शामिल हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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