जम्मू-कश्मीर में पहली बार इंट्यूइटिव रोबोटिक सिस्टम पेश किया गया
SKICC Srinagar Robotic Surgery/रईस अहमद: जम्मू-कश्मीर ने एडवांस्ड हेल्थकेयर की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. इस इलाके में पहली बार ‘इंट्यूइटिव रोबोटिक सिस्टम’ पेश किया है. उम्मीद है कि यह अत्याधुनिक तकनीक सर्जिकल देखभाल में एक नया आयाम जोड़ेगी, क्योंकि यह बेहतर सटीकता, कंट्रोल और फ्लेक्सिबिलिटी के साथ रोबोट-असिस्टेड प्रक्रियाओं को संभव बनाती है.
इस सिस्टम को जटिल प्रक्रियाओं के दौरान सर्जनों की मदद करने और नाजुक सर्जिकल गतिविधियों में अधिक सटीकता लाने के लिए डिजाइन किया गया है. खास बात ये है कि इस सिस्टम की मदद से इलाज करने वाले डॉक्टर्स मरीज को हाथ तक नहीं लगाते. वे सिर्फ रोबोट्स को कमांड देते हैं और सर्जिकल काम खुद रोबोट्स करते हैं.
मरीजों को घर के पास मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
रोबोट-असिस्टेड सर्जरी की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक बड़ी तकनीकी प्रगति है. इससे इलाके के मरीजों को घर के पास ही अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएं मिल सकती हैं, जिससे कुछ खास एडवांस्ड प्रक्रियाओं के लिए केंद्र शासित प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है.
हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स का कहना है कि यह तकनीक सर्जनों की विशेषज्ञता को बढ़ा सकती है और मिनिमली इनवेसिव (कम चीर-फाड़ वाली) प्रक्रियाओं में मदद कर सकती है, जिसके कई फायदे हो सकते हैं, जैसे छोटे चीरे, कम खून बहना और सही मामलों में तेजी से रिकवरी.
सर्जिकल देखभाल में बेहद महत्वपूर्ण है यह सिस्टम
इस सिस्टम का आना जम्मू-कश्मीर में एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाए जाने को भी दिखाता है और आधुनिक सर्जिकल देखभाल में इलाके की क्षमताओं को मजबूत कर सकता है.
ये भी पढ़ें- मुर्दे को नहीं मरने दे रहे! एक तरफ चिता तो दूसरी ओर हो गई जंग, पुलिस के पास पहुंचा मामला
इंट्यूइटिव रोबोटिक सिस्टम को जम्मू-कश्मीर में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो इस इलाके को देश भर के तकनीकी रूप से एडवांस्ड मेडिकल सेंटर्स के मानकों के करीब लाता है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


