Jashpur Food Poisoning: जशपुर/प्रियंका कौशल: अगर आप भी सड़क किनारे खड़े होकर चटपटे गोलगप्पे (पानीपूरी) खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है. स्वाद का यह शौक पलक झपकते ही कैसे जानलेवा खतरे में बदल सकता है, इसकी खौफनाक बानगी छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में देखने को मिली है. जिले के केराडीह गांव के साप्ताहिक बाजार में गोलगप्पे खाने के बाद अचानक 50 से ज्यादा ग्रामीण फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच स्वास्थ्य विभाग को गांव में ही आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाना पड़ा.
साप्ताहिक बाजार में मची दहशत (Pani Puri illness Jashpur)
यह पूरी घटना जशपुर जिले के केराडीह स्थित साप्ताहिक बाजार की है. ग्रामीण रोजमर्रा की तरह बाजार में खरीदारी करने पहुंचे थे. इसी दौरान एक पानीपूरी के ठेले पर लोगों ने गोलगप्पे खाए. लेकिन कुछ ही देर बाद, गोलगप्पे खाने वालों के पेट में अचानक तेज दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते बीमार पड़ने वाले लोगों का आंकड़ा 50 के पार पहुंच गया. लोगों की एक साथ बिगड़ती हालत देखकर पूरे गांव और बाजार में दहशत फैल गई. ये सभी लक्षण सीधे तौर पर गंभीर फूड पॉइजनिंग की ओर इशारा कर रहे थे.
गांव में लगा मेडिकल कैंप (Jashpur Street food hygiene)
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल एक मेडिकल टीम को मौके पर रवाना किया गया. प्रभावित लोगों में से 8 ग्रामीणों की हालत अत्यधिक गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां उनका सघन इलाज चल रहा है.
जिन 40 से अधिक ग्रामीणों में हल्के लक्षण दिखाई दे रहे थे, उनके इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने केराडीह गांव के अंदर ही एक अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित कर दिया. राहत की बात यह है कि त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलने के कारण सभी मरीजों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.
क्या कहते हैं स्थानीय चिकित्सक? (Jashpur Latest News)
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय चिकित्सक ने बताया कि, “यह फूड पॉइजनिंग का स्पष्ट मामला है, जो दूषित पानी या खराब सामग्री से बने गोलगप्पे खाने के कारण हुआ है. खुले में बिकने वाले खाने-पीने के सामानों और गंदे पानी में अक्सर हानिकारक बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जो सीधे तौर पर पाचन तंत्र पर हमला करते हैं और उल्टी-दस्त का कारण बनते हैं.”
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जशपुर के केराडीह बाजार की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण और शहरी बाजारों में धड़ल्ले से बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. चंद रुपयों के स्वाद के लिए ठेले वालों की साफ-सफाई के प्रति लापरवाही दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है. इसलिए अगली बार जब आप सड़क किनारे गोलगप्पे या कोई भी स्ट्रीट फूड खाने के लिए रुकें, तो उसकी स्वच्छता जरूर परख लें, क्योंकि आपकी सेहत की सुरक्षा सबसे पहले आपके अपने हाथों में है.
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