देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और अमर क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास जी की जयंती के अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. गृह मंत्री ने जतीन्द्रनाथ दास जी के अदम्य साहस, अद्वितीय त्याग और भारत माता के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए देशवासियों के लिए उनके जीवन को प्रेरणा का स्रोत बताया.
‘छात्र जीवन से जलाई क्रांति की ज्वाला’
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि जतीन्द्रनाथ दास जी ने अत्यंत कम उम्र और अपने छात्र जीवन से ही देश के स्वाधीनता संग्राम में छलांग लगा दी थी. उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों और क्रांतिकारी जज्बे से युवाओं को एकजुट कर उनके दिलों में आजादी की अलख जगाई. देश की आजादी के लिए उनका समर्पण हर भारतीय युवा के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है.
माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास जी की जयंती पर उन्हें नमन।
छात्र जीवन से ही स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े जतीन्द्रनाथ दास जी ने युवाओं को संगठित कर उनके हृदय में क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित की। अंग्रेजी हुकूमत की अमानवीय यातनाएँ भी उन्हें डिगा न सकीं और जेल में क्रांतिकारियों के साथ हो रहे भेदभाव के विरुद्ध 63 दिनों तक अनशन करते हुए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उनका अदम्य साहस, त्याग व बलिदान हमेशा देशवासियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
মাতৃভূমি ভারতমাতার স্বাধীনতার জন্য নিজের জীবন উৎসর্গকারী মহান বিপ্লবী যতীন্দ্রনাথ দাসের জন্মজয়ন্তীতে তাঁকে জানাই বিনম্র শ্রদ্ধা।
ছাত্রজীবন থেকেই স্বাধীনতা সংগ্রামে ঝাঁপিয়ে পড়া যতীন্দ্রনাথ দাস যুবসমাজকে সংগঠিত করে তাঁদের হৃদয়ে বিপ্লবের আগুন জ্বালিয়ে দিয়েছিলেন। ব্রিটিশ শাসকদের অমানবিক অত্যাচারও তাঁকে দমাতে পারেনি। কারাগারে বিপ্লবীদের সঙ্গে করা বৈষম্যের প্রতিবাদে তিনি টানা ৬৩ দিন অনশন করেন এবং শেষ পর্যন্ত নিজের প্রাণ উৎসর্গ করেন।
তাঁর অদম্য সাহস, আত্মত্যাগ ও বলিদান চিরকাল দেশবাসীকে দেশসেবায় অনুপ্রাণিত করবে।
— Amit Shah (@AmitShah) October 27, 2026
अंग्रेजों की यातनाओं के आगे नहीं झुके
गृह मंत्री ने अंग्रेजों के खिलाफ जतीन्द्रनाथ दास जी के ऐतिहासिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजी हुकूमत की कठोर और अमानवीय यातनाएं भी उनके बुलंद हौसलों को डिगा नहीं सकीं. जेल के भीतर भारतीय क्रांतिकारियों के साथ हो रहे अमानवीय भेदभाव और दुर्व्यवहार के खिलाफ उन्होंने ऐतिहासिक 63 दिनों तक अखंड अनशन (भूख हड़ताल) किया और अंग्रेजों के सामने घुटने टेकने के बजाय हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी.
अमर बलिदान हमेशा देता रहेगा राष्ट्रसेवा की प्रेरणा
श्री अमित शाह ने कहा कि जतीन्द्रनाथ दास जी का यह सर्वोच्च बलिदान, अदम्य साहस और देशभक्ति की मिसाल देश के इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. उनका जीवन और उनका यह महान त्याग आने वाली हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा, स्वाभिमान और देश के प्रति सर्वस्व न्योछावर करने की अमर प्रेरणा देता रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



