Jeet Adani AI investment: अडाणी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडाणी ने मंगलवार को कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षमता पर ध्यान देना होगा. इसी दिशा में ग्रुप ने करीब 100 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है. इसमें बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी और डेटा सेंटर शामिल होंगे.
ऊर्जा है AI की रीढ़
जीत अडाणी ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सस्ती और भरोसेमंद बिजली की जरूरत है. अगर ऊर्जा की लागत कम होगी तो कंप्यूटिंग खर्च भी घटेगा. इससे AI तकनीक आम लोगों और व्यवसायों तक आसानी से पहुंच पाएगी.
गूगल का बड़ा योगदान
इस प्रोजेक्ट में गूगल क्लाउड भी शामिल है. कंपनी भारत में लगभग 15 अरब डॉलर निवेश कर एक विशाल AI डेटा सेंटर कैंपस बनाने जा रही है. यह अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा डेटा सेंटर होगा.
अडाणीकॉननेक्स के साथ साझेदारी
यह कैंपस अडाणीकॉननेक्स के सहयोग से तैयार होगा. इसमें वही अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल होगी जो गूगल सर्च, यूट्यूब और गूगल वर्कस्पेस जैसी सेवाओं को चलाती है.
विशाखापट्टनम बनेगा नया केंद्र
अभी भारत की कुल डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.3 गीगावॉट है लेकिन विशाखापट्टनम में बनने वाला नया कैंपस अकेले लगभग एक गीगावॉट क्षमता का होगा. जीत अडाणी ने कहा कि जैसे बेंगलुरु ने भारत की IT क्रांति को परिभाषित किया था, वैसे ही विशाखापट्टनम AI क्रांति का केंद्र बनेगा.
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भारत की ताकत
उन्होंने भरोसा, तेजी से काम करने की क्षमता और ऊर्जा संसाधनों को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया. उनका कहना है कि इन खूबियों के दम पर भारत आने वाले समय में वैश्विक तकनीकी विकास की अगली लहर को दिशा देगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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