तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला. पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी और पूर्व सांसद कलवाकुंतला कविता ने अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज करते हुए ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) को दोबारा जीवित कर दिया है. गौरतलब है कि इसी नाम से उनके पिता ने तेलंगाना आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसका नाम बाद में बदलकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) कर दिया गया था.
भाई से मतभेद और BRS से विदाई
कविता का यह कदम उनके भाई और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. तारक राम राव (KTR) के साथ सात महीने पहले हुए मतभेदों का परिणाम माना जा रहा है. केटीआर को केसीआर का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है, जिससे असहमति जताते हुए कविता ने पार्टी छोड़ दी थी. अब अपनी अलग पार्टी बनाकर उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे तेलंगाना की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए तैयार हैं.
शहीदों को किया नमन
पार्टी के शुभारंभ से पहले कविता ने हैदराबाद में अपने आवास पर पूजा-अर्चना की और फिर गनपार्क स्थित तेलंगाना शहीद स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद मेडचल के मुनिराबाद में एक भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें अनुसूचित जनजाति (ST), लंबदा समुदाय और बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं शामिल हुईं. लोकगीतों और सांस्कृतिक नृत्यों के बीच कविता ने खुद को एक सशक्त महिला नेता के रूप में पेश किया.
‘पानी, धन और रोजगार’ के मुद्दे पर वापसी
कविता ने इस दौरान राज्य की मौजूदा और पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “तेलंगाना को बने एक दशक से ज्यादा बीत गया, लेकिन आज भी लोग पानी, धन और रोजगार के लिए तरस रहे हैं, जो तेलंगाना आंदोलन की मुख्य मांगें थीं.” उन्होंने वादा किया कि उनकी नई पार्टी ‘समावेशी विकास’ और ‘आत्मनिर्भरता’ के सिद्धांतों पर काम करेगी और शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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