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‘चाचा कांग्रेस विधायक…पिता स्वास्थ्य अधिकारी’ बिना ड्यूटी जाए हर महीने 70 हजार सैलरी उठा रही थी डॉक्टर भतीजी

Karnataka Congress News: कर्नाटक में सत्ता के दुरुपयोग का एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां के बागलकोट से कांग्रेस विधायक की भतीजी बिना ड्यूटी पर गए ही सैलरी उठा रही थी. मामला सामने आने के बाद तूफान मच गया. आनन-फानन में विधायक जी की भतीजी के खिलाफ जांच बैठाया गया.

Karnataka Congress News

कर्नाटक में कांग्रेस विधायक की भतीजी बिना ड्यूटी पर गए ही सैलरी उठा रही थी.

Karnataka Congress News: कर्नाटक में सत्ता के दुरुपयोग का एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां के बागलकोट से कांग्रेस विधायक की भतीजी बिना ड्यूटी पर गए ही सैलरी उठा रही थी. मामला सामने आने के बाद तूफान मच गया. आनन-फानन में विधायक जी की भतीजी के खिलाफ जांच बैठाया गया.

दरअसल कर्नाटक के बागलकोट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक उमेश हुल्लप्पा मेती हैं. उनकी भतीजी डॉ. अंकिता यारागल नम्मा क्लिनिक में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात थीं. इस दौरान वो एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स भी कर रही थीं. जहां उन्हें हर महीने 70 हजार रुपये से ज्यादा की सैलरी उठा रही थीं. यानी डॉ. अंकिता एक ही समय में दो जगहों से सैलरी उठा रही थीं.

जानकारी के मुताबिक अंकिता यारागल पिछले 3 मार्स से लेकर सितंबर तक नम्मा क्लिनिक गई ही नहीं, लेकिन सैलरी उठाती रहीं. उनके क्लिनिक पर नहीं रहने से आम लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी.

क्या है पूरा विवाद?

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अंकिता एक निजी मेडिकल कॉलेज में फुल टाइम पीजी में एडमिशन ले रखा है. जहां से उन्हे 70 हजार रुपये सैलरी मिल रही थी. पूरा विवाद इसी को लेकर है. जानकारी के मुताबिक उन्होंने मार्च में पीजी में एडमिशन लेने के बावजूद मेडिकल ऑफिसर पद से इस्तीफा नहीं दिया. इस दौरान वो आउटसोर्स के आधार पर भी काम कर रही थीं. लेकिन वो नम्मा क्लिनिक पर एक बार भी नहीं गई.

चाचा विधायक हैं और पिता स्वास्थ्य अधिकारी

बताया जा रहा है कि अंकिता के चाचा उमेश मेटी विधायक हैं और पिता राजकुमार यरगल बागलकोट से जिला स्वास्थ्य अधिकारी हैं. जब यह मामला सामने आया तो आनन-फानन में पिता ने बेटी को ड्यूटी से हटा दिया. मामला मीडिया में सामने आने के बाद अंकिता के पिता राजकुमार यरगल ने जांच के आदेश दिये हैं.

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जानकारी के मुताबिक अंकिता को SN मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने पढ़ने की अनुमति दी थी. अब इस मामले की जांच के निर्देश दिये गए हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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