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Kerala: 2019 में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में 14 CPI(M) कार्यकर्ता दोषी

अभियोजन पक्ष ने कथित आरोपी के तौर पर 24 लोगों को नामजद किया था, लेकिन सीबीआई अदालत ने उनमें से 14 को दोषी पाया और 10 अन्य को बरी कर दिया.

Court Hammer Judgement Judiciary

(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

केरल में सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को बड़ा झटका देते हुए कोच्चि की एक सीबीआई अदालत ने शनिवार (28 दिसंबर) को पूर्व पार्टी विधायक केवी कुन्हीरामन सहित 14 पार्टी कार्यकर्ताओं को 2019 में भारतीय युवा कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्या के मामले में दोषी पाया.

यह मामला भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं कृपेश और सरथलाल की दोहरी हत्या से संबंधित है, जिनकी फरवरी 2019 में कासरगोड के पेरिया में हत्या कर दी गई थी. अभियोजन पक्ष ने कथित आरोपी के तौर पर 24 लोगों को आरोपित किया था, लेकिन सीबीआई अदालत ने उनमें से 14 को दोषी पाया और 10 अन्य को बरी कर दिया. अदालत इन्हें आगामी 3 जनवरी को सजा सुनाएगी.

ये पाए गए दोषी

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोषी पाए गए लोगों में उडुमा के पूर्व विधायक केवी कुन्हिरमन, जो CPI(M) कासरगोड जिला सचिवालय के सदस्य भी हैं, CPI(M) पेरिया स्थानीय समिति के सदस्य एपी पीतांबरन, कान्हांगड ब्लॉक पंचायत सदस्य के मणिकंदन, पूर्व स्थानीय समिति सचिव एन. बालाकृष्णन, स्थानीय नेता राघवन वेलुथोली और साजी जॉर्ज शामिल हैं.


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2019 के लोकसभा चुनाव से दो महीने पहले भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की दोहरी हत्या ने केरल को हिलाकर रख दिया था. राज्य पुलिस ने राजनीतिक हत्याओं की जांच की थी, लेकिन पीड़ितों के परिवारों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

CPI(M) ने क्या दावा किया था

CPI(M) ने दावा किया था कि पार्टी के कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं थे, जबकि पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने भी सीबीआई जांच का कड़ा विरोध किया था. हालांकि, अक्टूबर 2019 में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच सौंपते हुए राज्य पुलिस द्वारा प्रस्तुत आरोप पत्र को खारिज कर दिया था.

सीबीआई द्वारा जांच शुरू करने के बाद पूर्व सीपीआई(एम) विधायक केवी कुन्हीरामन को आरोपियों की सूची में शामिल किया गया था. सीबीआई ने पाया था कि हत्याओं के बाद कुन्हीरामन ने हमलावरों की मदद की थी. दिसंबर 2021 में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी गई थी.

-भारत एक्सप्रेस



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