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लखनऊ अग्निकांड के बाद खान सर की ‘खान ग्लोबल क्लासेस’ सील, जानें क्यों हुई ये कार्रवाई?

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सुरक्षा और मानचित्र नियमों के उल्लंघन के आरोप में खान ग्लोबल क्लासेस को सील कर दिया. कार्रवाई के दौरान छात्रों को बाहर निकाला गया और शहर की अन्य कोचिंग संस्थाएं भी प्रशासन के रडार पर आ गई हैं.

Khan Global Classes Sealed in Prayagraj: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे कड़े अभियान के बीच संगम नगरी प्रयागराज से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है. राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बाद पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर है.

इसी कड़ी में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष ऋषि राज के सख्त आदेश पर सिविल लाइंस स्थित देश के मशहूर ट्यूटर ‘खान सर’ की ‘खान ग्लोबल क्लासेस’ को पूरी तरह सील कर दिया गया है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है.

क्लास से बाहर निकाले गए छात्र(Khan Global Classes Sealed in Prayagraj)

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के जोन संख्या एक के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पीडीए की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ सिविल लाइंस स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची. उस वक्त संस्थान के भीतर बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे थे. टीम ने सबसे पहले पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों को क्लासरूम से बाहर निकाला और इसके बाद ऑफिस व मुख्य द्वारों को बंद कराकर सीलिंग की कड़क कार्रवाई को अंजाम दिया.

कोचिंग के बाहर आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दिया गया है और साफ चेतावनी दी गई है कि यदि बगैर अनुमति के सील तोड़ने या दोबारा कोचिंग संचालित करने की कोशिश की गई, तो सीधे नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी.

आखिर क्यों सील हुआ खान सर का कोचिंग सेंटर?

जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह के मुताबिक, यह कार्रवाई (Khan Global Classes Sealed in Prayagraj) किसी व्यक्तिगत रंजिश में नहीं बल्कि सीधे तौर पर नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते की गई है. जांच में सामने आया कि जिस बहुमंजिला बिल्डिंग में खान ग्लोबल क्लासेस का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा था, उसका नक्शा केवल ‘कमर्शियल उपयोग’ (व्यावसायिक) के रूप में पास है.

जबकि नियम के मुताबिक, किसी भी कोचिंग संस्थान या शिक्षण केंद्र का संचालन ‘कम्युनिटी सर्विस’ (सामुदायिक सुविधा) भू-उपयोग के तहत ही किया जा सकता है. सामुदायिक सुविधा की अनिवार्य प्रशासनिक स्वीकृति न होने के कारण इस अवैध संचालन पर ताला जड़ा गया है.

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रडार पर प्रयागराज की 50 कोचिंग

गौरतलब है कि प्रयागराज में करीब एक महीने पहले ही पीडीए ने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक महा-अभियान शुरू किया था, जिसके तहत शहर की तीन बड़ी कोचिंग-एग्जाम पुर, सुपर क्लाइमैक्स और टारगेट ऑन को भी नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में सील किया जा चुका है.

अधिकारियों के मुताबिक, शहर के करीब 50 और बड़े कोचिंग संस्थानों को चिन्हित किया गया है, जिनके स्वीकृत मानचित्र, लिफ्ट सेफ्टी, विद्युत सुरक्षा और सबसे महत्वपूर्ण फायर ब्रिगेड की एनओसी (Fire NOC) की सघन जांच की जा रही है. कमियां मिलते ही बिना किसी रसूख के सीधे ऑन-द-स्पॉट सीलिंग की जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस



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