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खंडवा में बोरियों में मिला गोवंश का सिर और मांस, गांव में तनाव और पुलिस कार्रवाई

MP News: खंडवा जिले में बोरियों में गोवंश के सिर और मांस मिलने से गांवों में तनाव फैल गया. हिंदू संगठनों ने विरोध जताया और पुलिस ने मौके पर बल तैनात कर स्थिति को काबू में किया.

MP News: खंडवा जिले के मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत के बड़ियातुला गांव में शुक्रवार रात करीब 11 बजे सड़क किनारे बोरियों में भरे हुए गोवंश के सिर और पैर मिलने से हड़कंप मच गया. बाइक सवार आरोपी इन्हें फेंक रहे थे, तभी पड़ोसी गांव के कुछ युवक वहां पहुंच गए. पकड़े जाने के डर से आरोपी मौके से भाग निकले.

युवाओं का आक्रोश

घटना के बाद गांव में भारी हंगामा हुआ. गुस्साए युवाओं ने पुलिस के सामने ही वाहनों में तोड़फोड़ कर दी. सूचना मिलते ही सीएसपी अभिनव बारंगे मौके पर पहुंचे और पुलिस ने हालात को काबू में किया. मौके से गोवंश का मांस और आरोपियों की एक बाइक जब्त की गई.

सिंहाड़ा गांव में भी मामला

बकरीद के दूसरे दिन खंडवा शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर सिंहाड़ा गांव में भी तीन बोरियों में पशु का सिर और मांस मिलने से तनाव फैल गया. पुलिस ने तुरंत पूरे गांव को छावनी में बदल दिया. हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि यह गाय का मांस है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

डॉक्टरों ने लिया सैंपल

पशु चिकित्सालय विभाग के डॉक्टर मौके पर पहुंचे और जांच के लिए सैंपल भेजे. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग की.

पुलिस की कार्रवाई

ASP महेंद्र तरनेकर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल गांव पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया. FIR दर्ज कर ली गई है और आठ लोगों के नाम सामने आए हैं. अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.

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गोवा का संदर्भ

जहां खंडवा जैसे इलाकों में धार्मिक विवाद तनाव का कारण बनते हैं, वहीं गोवा का इतिहास और भौगोलिक पहचान एक अलग तस्वीर पेश करता है. अरब सागर के किनारे बसा गोवा पुर्तगाली शासन से आज़ादी पाकर 1987 में राज्य बना. आज यह पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है. गोवा दिखाता है कि समाज में शांति और विकास संभव है, अगर विविधता को स्वीकार कर संतुलन बनाया जाए.

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-भारत एक्सप्रेस



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