Skandita Mishra
Kumar Vishwas in Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा का परिसर शनिवार को भक्ति के अनूठे रंग में रंगा नजर आया. मौका था मशहूर कवि और प्रखर वक्ता डॉ. कुमार विश्वास के सुप्रसिद्ध कार्यक्रम “अपने-अपने राम” का. राजनीति के इस केंद्र में जब राम भजनों और मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन प्रसंगों की गूंज सुनाई दी, तो वहां मौजूद हर शख्स मंत्रमुग्ध हो गया. इस कार्यक्रम ने न केवल आध्यात्मिक माहौल बनाया, बल्कि आधुनिक संदर्भों में राम के आदर्शों की प्रासंगिकता को भी सामने रखा.
दिग्गजों की मौजूदगी में भक्तिमयी शुरुआत
संगीतमय रामकथा के इस खास आयोजन में दिल्ली की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा प्रमुख रूप से मौजूद रहे. शुरुआत मधुर राम भजनों से हुई, जिसने पूरे परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया. विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने डॉ. कुमार विश्वास का स्वागत करते हुए बड़े पते की बात कही. उन्होंने कहा कि राम इस देश की आत्मा में बसते हैं और वे किसी एक वर्ग या विचारधारा के नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के हैं.
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कुमार विश्वास का बेबाक अंदाज
मंच संभालते ही डॉ. कुमार विश्वास ने अपने चिर-परिचित अंदाज में रामकथा के प्रेरक प्रसंग सुनाना शुरू किया. कथा के बीच-बीच में उन्होंने समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने हाल ही में कोलकाता में अपना कार्यक्रम रद्द किए जाने के विवाद पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब वह 9 मई को कोलकाता की धरती पर ही जाकर रामकथा करेंगे.
डॉ. विश्वास ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “राम को काल्पनिक कहने वाले आज खुद काल्पनिक होने की कगार पर पहुँच गए हैं.” उनकी इस बात पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
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-भारत एक्सप्रेस
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