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‘बस सिर में चोट थी, टैटू से पहचाना…’, लाल किला विस्फोट मामले में कालकाजी के अमर कटारिया की दर्दनाक मौत, पिता का छलका दर्द

Lal kila blast: मृतक अमर कटारिया 34 साल के थे. वो शादीशुदा थे और उनको एक बेटा था. 7 बजे के करीब अमर कटारिया के पिता ने अपने बेटे को फोन किया तो वो फोन एक महिला ने उठाया. जिसने उन्हें बताया कि उसे यह फोन लाल किला के पास मिला है. वहां एक ब्लास्ट हुआ है.

Lal kila blast

Lal kila blast: सोमवार 10 नवंबर का दिन था. रोजाना की तरह इस दिन भी भारत की शान लाल किले के पास खूब चहल पहल थी. कोई लाल किला देखने आया था तो कोई बाजार करने पहुंचा हुआ था. इसी में से एक थे अमर कटारिया. अमर कटारिया का भागीरथ में दुकान थी. वो रोजाना की तरह सोमवार को भी अपनी दुकान गए हुए थे. शाम को 6:45 बजे वे अपनी दुकान से घर के लिए वापस आ रहे थे. जब वे लाल किला के पास पहुंचे तभी वहां ब्लास्ट हो जाता है. पल भर में अपनी चहल-पहल के लिए मशहूर लाल किला क्षेत्र के उस इलाके में मातम छा गया. चारों तरफ चीख पुकार मच गई.

दिल्ली के लाल किला के पास हुए इस विस्फोट ने ना सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिये हैं, बल्कि कई परिवारों के घर के चिराग को बुझा दिया. इन्हीं में से एक थे दिल्ली के कालकाजी इलाके के निवासी अमर कटारिया. अमर एक व्यवसायी थे. अपनी दूरदर्शी सोच और सूझबूझ से उन्होंने अपनी दुकान को काफी आगे बढ़ाया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज का दिन उनके जीवन का आखिरी दिन होगा.

अनजान महिला के जरिये मिली सूचना

मृतक अमर कटारिया 34 साल के थे. वो शादीशुदा थे और उनको एक बेटा था. 7 बजे के करीब अमर कटारिया के पिता ने अपने बेटे को फोन किया तो वो फोन एक महिला ने उठाया. जिसने उन्हें बताया कि उसे यह फोन लाल किला के पास मिला है. वहां एक ब्लास्ट हुआ है.

सिर में चोट लगने से हुई मौत

मृतक अमर कटारिया के पिता जगदीश कुमार कटारिया ने बताया कि उन्हें अभी तक नहीं पता कि मेरे बेटे के साथ क्या हुआ. ब्लास्ट में उसके सिर्फ सिर में चोट आई थी, उसके शरीर पर चोट नहीं थी. ये कहते हुए जगदीश के आंखों में आंसू आ गए.

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टैटू से की बेटे की पहचान

उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि शव अस्पताल में रखे हुए हैं तो उन्होंने दो लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे लेकिन अंदर नहीं गया. साथ के दो लोग अंदर गए और अमर को पहचाना. मृतक अमर कटारिया के पिता जगदीश ने बताया कि अमर को हमने उसके टैटू से पहचाना.

उसके शरीर पर ज्यादा चोटें नहीं थी, बस उसके सिर में चोट आई थी. इसके अलावा उन्होंने गले में चेन पहन रखी थी. जिससे वो अपने बेटे को पहचान सके.

बता दें कि, दिल्ली के लाल किला इलाके में एक आई-20 कार में सोमवार को विस्फोट हो गया. जिसमें कुल 9 लोगों की मौत हो गई. इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां कई अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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