ललित मोदी ने भारतीय पासपोर्ट को हाई कमीशन ऑफ इंडिया, लंदन में सरेंडर कर दिया है और वनुआतु की नागरिकता ले ली है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. ललित मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के कई गंभीर आरोप हैं, और भारत सरकार लंबे समय से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही थी.
वनुआतु में 1.12 करोड़ में नागरिकता
वनुआतु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा द्वीप राष्ट्र है, जो सिटिजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के जरिए नागरिकता प्रदान करता है. इस प्रक्रिया में आवेदक को कम से कम 1.12 करोड़ रुपये ($130,000 USD) सरकार को दान करने होते हैं. खास बात यह है कि इस नागरिकता को पाने के लिए वनुआतु में रहना अनिवार्य नहीं होता, और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी की जा सकती है.
ललित मोदी का प्रत्यर्पण और मुश्किल
ललित मोदी के खिलाफ कई आरोप हैं, जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा कानून का उल्लंघन और विदेशों में बेनामी संपत्तियां खरीदने का मामला शामिल है. ललित मोदी के वनुआतु की नागरिकता लेने से भारत सरकार के लिए उन्हें प्रत्यर्पित करना और भी मुश्किल हो गया है.
वनुआतु का भारत से कोई प्रत्यर्पण का कोई मेल नहीं है, जिससे मोदी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना और चुनौतीपूर्ण हो गया है.
यह कदम एक बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि भारत सरकार 2010 से ललित मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही थी. अब उनके नए नागरिकता हासिल करने से भारत की कानूनी कार्रवाई कमजोर पड़ सकती है.
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