LPU Phagwara Violence SIT Investigation
LPU Phagwara Violence SIT Investigation: पंजाब के फगवाड़ा स्थित प्रसिद्ध लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में सोशल मीडिया पर फैली एक खबर ने ऐसा तूल पकड़ा कि पूरा कैंपस हिंसा और विरोध प्रदर्शन की आग में झुलस गया. छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की खबरों के बाद छात्रों का गुस्सा इस कदर फूटा कि कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी से लेकर नेशनल हाईवे जाम और पुलिस पर पथराव तक की घटनाएं हुईं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने एसआईटी (SIT) का गठन किया है, वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं.
शनिवार देर रात: सोशल मीडिया की खबर से भड़का आक्रोश
घटना की शुरुआत शनिवार देर रात हुई, जब सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप और उसके बाद आत्महत्या किए जाने की खबरें तेजी से वायरल होने लगीं. इस सूचना के फैलते ही हॉस्टलों से निकलकर बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में एकत्र हो गए और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. छात्रों का आरोप था कि इतनी गंभीर घटना सामने आने के बावजूद प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, उस समय पुलिस के पास ऐसी किसी भी घटना की कोई आधिकारिक शिकायत या पुष्टि नहीं थी.
रविवार सुबह: कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम
शनिवार रात प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन भले ही कुछ देर के लिए शांत हुआ, लेकिन रविवार तड़के स्थिति फिर बेकाबू हो गई. सुबह-सुबह हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया. इमारतों के शीशे तोड़ दिए गए और कैंपस के भीतर खड़े कई सामानों में आग लगा दी गई. इतना ही नहीं, आक्रोशित छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे मुख्य मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
दिनभर चला धरना और सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
रविवार दोपहर छात्र दोबारा हाईवे और कैंपस के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए. दिनभर चले इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. छात्रों का कहना था कि जब तक कथित घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होती, वे अपना विरोध वापस नहीं लेंगे. इस दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे.
पुलिस पर पथराव और गाड़ियों में आगजनी
रविवार शाम करीब आठ बजे स्थिति एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गई. पुलिस जब हाईवे को खाली कराने और छात्रों को वापस भेजने का प्रयास कर रही थी, तभी भीड़ की तरफ से पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया गया. देखते ही देखते हालात हिंसक हो गए. उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों को निशाना बनाया और एक पुलिस गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. इस हिंसक टकराव और पथराव में कई पुलिसकर्मियों और छात्रों के घायल होने की खबर है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
खबरों को बताया बेबुनियाद
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें कथित रेप या आत्महत्या से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली है और सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह असत्यापित हैं. दूसरी ओर, LPU प्रशासन ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर तैर रही इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए झूठा और आधारहीन बताया. यूनिवर्सिटी ने छात्रों और उनके अभिभावकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की.
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मामले की जांच के लिए SIT गठित, FIR दर्ज
बढ़ते बवाल और हिंसा को देखते हुए पंजाब पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर ली है. गठित की गई एसआईटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ महिला पुलिस अधिकारियों और छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. एसआईटी का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों के स्रोत का पता लगाना और कथित घटना की वास्तविक सच्चाई को सामने लाना है.
10 दिनों के लिए कक्षाएं और परीक्षाएं टलीं
कैंपस में व्याप्त भारी तनाव और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए LPU प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से अगले 10 दिनों के लिए सभी नियमित कक्षाएं स्थगित करने का ऐलान किया है. इसके अलावा आगामी मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगली सूचना तक टाल दिया गया है. प्रशासन ने छात्रों को अपने माता-पिता की सहमति से घर जाने की अनुमति दे दी है, जबकि जो छात्र हॉस्टल में रुकना चाहते हैं, उन्हें पूरी तरह सुरक्षित माहौल में अपने कमरों में ही रहने की सलाह दी गई है.
भारत एक्सप्रेस
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