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महाबोधि महाविहार को बौद्धों को सौंपने की मांग, गृह मंत्री अमित शाह से मिले रामदास आठवले

बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार का प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग को लेकर रामदास आठवले ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने 1949 के कानून में जरूरी संशोधन की मांग रखी.

Ramdas Athawale Amit Shah

बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है. इसी मुद्दे को लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. आठवले के साथ बौद्ध भिक्षुओं और धर्मगुरुओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था.

नई दिल्ली में हुई इस बैठक में महाबोधि महाविहार की मौजूदा व्यवस्था, उसके ऐतिहासिक महत्व और बौद्ध समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पर विस्तार से चर्चा हुई. प्रतिनिधिमंडल में भदंत करुणानंद महाथेरो, भदंत डॉ. राहुल बोधि महाथेरो, भदंत ज्योति थेरो और भदंत आनंद समेत कई बौद्ध धर्मगुरु शामिल रहे.

बौद्ध समुदाय के हाथों में हो प्रबंधन

रामदास आठवले ने अमित शाह के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि बोधगया का महाबोधि महाविहार दुनिया भर के बौद्धों के लिए सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है. मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. ऐसे में उनका कहना है कि इस पवित्र स्थल का प्रबंधन और ट्रस्ट की जिम्मेदारी बौद्ध समुदाय के पास होनी चाहिए.

आठवले ने यह भी कहा कि देशभर के बौद्ध चाहते हैं कि महाबोधि महाविहार के चेयरमैन और सभी ट्रस्टी बौद्ध धर्म को मानने वाले हों. उन्होंने साफ किया कि यह मांग किसी दूसरे धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि बौद्धों के प्रमुख आस्था केंद्र के प्रबंधन से जुड़ी है.

1949 के कानून में संशोधन की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि इस व्यवस्था को बदलने के लिए बिहार विधानसभा द्वारा पारित महाबोधि विहार मंदिर अधिनियम, 1949 में जरूरी संशोधन किया जाए. बौद्ध समाज लंबे समय से महाबोधि महाविहार की ‘मुक्ति’ और इसके प्रबंधन को बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग करता रहा है.

बताया गया कि अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले से जुड़े ऐतिहासिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी. सभी जरूरी जानकारी जुटाने के बाद इस पर उचित फैसला लेने की बात कही गई.


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पीएम मोदी से भी कर चुके हैं मुलाकात

रामदास आठवले पहले भी इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठा चुके हैं. हाल में उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का अनुरोध किया था. इसके बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर बौद्ध प्रतिनिधिमंडल की अमित शाह से बैठक हुई.

आठवले ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बौद्ध समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में सकारात्मक कदम उठाएगी. उनके मुताबिक, अगर महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को बौद्ध समुदाय को सौंपने की दिशा में फैसला होता है, तो देशभर के बौद्ध समाज में इसका सकारात्मक संदेश जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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