heartbreaking tragedy in Chhatrapati Sambhajinagar: अपराध और हादसों की दुनिया में अक्सर ऐसी सनसनीखेज कहानियां सामने आती हैं, जो इंसान की रूह कंपा देती हैं. लेकिन महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर की तिसगांव पहाड़ी पर जो हुआ, उसने पुलिस-प्रशासन से लेकर पूरे समाज के होश उड़ा दिए हैं! एक 19 साल के जेन-जी (Gen-Z) लड़के की आईफोन पाने की वैसी ही जानलेवा सनक, एक मां का बहता मंगलसूत्र और बेबस पिता के हाथ… और फिर देखते ही देखते 300 फीट गहरी खाई में गिरीं 3 लाशें!
क्या यह सिर्फ एक हादसा था या जिद और बेबसी के मोड़ पर लिखा गया एक दर्दनाक खूनी अंत? पुलिस इस पूरे मामले की परत दर परत जांच में जुटी है.
कैसे शुरू हुआ ये खूनी खेल?(Maharashtra Sambhajinagar viral incident)
कहानी शुरू होती है झाल्टा फाटा इलाके के निवासी 48 वर्षीय मुरलीधर चांदगुड़े के घर से. उनके 19 साल के बेटे कुणाल को आईफोन की ऐसी लत और सनक सवार हुई कि उसने महंगे आईफोन के लिए ईएमआई (EMI) पर फोन तो उठा लिया, लेकिन किस्त भरने के लिए अपने पिता से पैसे मांगने लगा.
जब पिता मुरलीधर ने मेहनत की कमाई को इस फालतू के शौक पर लुटाने से साफ इनकार कर दिया और बेटे को डांट दिया, तो कुणाल के सिर पर खून सवार हो गया. बहस इतनी तीखी हुई कि कुणाल गुस्से में घर से निकला और सीधे मौत के मुहाने पर जाकर खड़ा हो गया.
💔 A heartbreaking tragedy in Maharashtra’s Chhatrapati Sambhajinagar.
19-year-old Kunal Chandgude reportedly went to Khawadya Hill after an argument with his parents over a mobile phone. Despite nearly three hours of efforts by his parents, villagers and rescue personnel to… pic.twitter.com/ksm67Rn7lo
— Mukesh (@mksh_kgp) August 21, 2026
3 घंटे तक चला ‘हाइ-वोल्टेज ड्रामा’
सुबह के ठीक 10 बजे कुणाल वालुज MIDC थाना क्षेत्र के तिसगांव की ऊंची पहाड़ी पर जा चढ़ा और खाई के बिल्कुल किनारे खड़े होकर कूदने की धमकियां देने लगा. खबर मिलते ही बेबस पिता मुरलीधर और मां संगीता रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें बुलाई गईं, पहाड़ी के नीचे सुरक्षा जाली बिछाई गई.
स्थानीय लोग और गांव के पूर्व सरपंच उसे समझाते रहे कि “बेटा अपनी मां की तरफ देख, हम तुझे iPhone 15 Pro दिला देंगे! लेकिन सनकी कुणाल बस कंधे उचकाता रहा, मानो उसके दिमाग पर सिर्फ मौत का शैतान नाच रहा था.
बेटे को बचाने पहुंचे पिता खुद भी गिरे
दोपहर के ठीक 1 बज रहे थे. करीब 3 घंटे तक चले सांसें रोक देने वाले सस्पेंस के बीच पिता मुरलीधर से बेटे की यह बेबसी और देखी नहीं गई. वे जान जोखिम में डालकर पहाड़ी के उस खतरनाक किनारे तक पहुंचे जहां कुणाल खड़ा था. मुरलीधर ने जैसे ही बेटे का हाथ पकड़कर उसे पीछे की तरफ खींचने की कोशिश की, कुणाल अचानक पीछे की तरफ झुक गया. दोनों का संतुलन बिगड़ा और एक बाप-बेटा एक-दूसरे को थामे हुए 300 फीट गहरी चट्टानों वाली खाई में समा गए.
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मां ने भी लगा दी छलांग
पहाड़ी की चोटी पर खड़े सैकड़ों पर्यटकों और ग्रामीणों की आंखों के सामने वो मंजर देखकर चीख-पुकार मच गई. लेकिन असली खौफनाक मंजर तो अभी बाकी था! अपने पति और इकलौते बेटे को पत्थर की चट्टानों पर गिरते और तड़पते देख मां संगीता का दिमागी संतुलन पूरी तरह टूट गया. उन्होंने बिना एक पल गंवाए, चीखते हुए उसी पहाड़ी से नीचे खाई में छलांग लगा दी. महज 10 सेकंड के भीतर पूरा चांदगुड़े परिवार खत्म हो चुका था!
-भारत एक्सप्रेस
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